जिला परिषद चुनाव में भाजपा की बड़ी बढ़त, 8 जिलों में बहुमत के साथ बनाई मजबूत पकड़
कांगड़ा और शिमला में निर्दलीय तय करेंगे सत्ता का समीकरण, चंबा और लाहौल-स्पीति में कांग्रेस का दबदबा
शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनावों के तहत हुए जिला परिषद चुनावों के परिणामों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के आठ जिलों में स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। चार में से तीन नगर निगमों में सफलता के बाद भाजपा ने जिला परिषदों में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
वहीं, चंबा और लाहौल-स्पीति में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार बढ़त बनाने में सफल रहे हैं, जबकि कांगड़ा और शिमला में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में निर्दलीय सदस्य निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
प्रदेश की कुल 250 जिला परिषद वार्डों में से 247 के परिणाम घोषित हो चुके हैं, जबकि सिरमौर की तीन सीटों का परिणाम आना शेष है। अब तक घोषित परिणामों में 141 सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को 59 सीटों पर सफलता मिली है। 47 सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजयी रहे हैं।
भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को मंडी, कुल्लू, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर, सोलन, किन्नौर और सिरमौर जिलों में स्पष्ट बहुमत मिला है। दूसरी ओर, चंबा और लाहौल-स्पीति में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। कांगड़ा और शिमला जैसे बड़े जिलों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, जिससे निर्दलीय सदस्यों का महत्व बढ़ गया है।
प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में कुल 54 सीटों में से भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 24 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को 13 सीटें मिली हैं। यहां 17 निर्दलीय उम्मीदवार भी विजयी हुए हैं। शिमला जिला परिषद में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 11 और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों ने 10 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि चार सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजयी रहे हैं।
जिलावार स्थिति पर नजर डालें तो मंडी की 36 सीटों में से 25 पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे। कुल्लू में 14 में से 9 सीटें भाजपा और 4 सीटें कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों के खाते में गईं। हमीरपुर की 19 सीटों में से 15 पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। ऊना में 17 में से 11 सीटें भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने जीतीं।
बिलासपुर की 14 सीटों में से 9 पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार सफल रहे, जबकि 5 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुए। सोलन में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 10 और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की। किन्नौर की 10 सीटों में से 8 सीटें भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के खाते में गईं।
चंबा में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने 10 सीटों पर जीत दर्ज कर बढ़त बनाई, जबकि भाजपा समर्थित प्रत्याशी 5 सीटें जीत सके। लाहौल-स्पीति में 9 सीटों में से 4 पर कांग्रेस, 3 पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि 2 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है।
सिरमौर जिला परिषद की 17 सीटों में से 14 के परिणाम घोषित हो चुके हैं। इनमें 11 सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे हैं। शेष तीन सीटों के परिणाम आने के बाद जिले की अंतिम तस्वीर साफ होगी।
हालांकि जिला परिषद चुनाव पार्टी चिह्न पर नहीं लड़े गए, लेकिन भाजपा ने इस बार अपने समर्थित उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति अपनाई थी। कांग्रेस ने आधिकारिक सूची जारी नहीं की, लेकिन विभिन्न जिलों में पार्टी नेताओं ने अपने समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया था। परिणामों ने प्रदेश की ग्रामीण राजनीति में भाजपा की मजबूत पकड़ को एक बार फिर उजागर किया है।
