हिमाचल-पंजाब सीमा पर बढ़ा तनाव, पंजाब में वाहनों की आवाजाही रोककर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी।
एंट्री टैक्स को लेकर शुरू हुआ विवाद अब दोनों राज्यों के वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनता दिख रहा है।
ऊना। हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बीच एंट्री टैक्स को लेकर विवाद सोमवार को खुलकर सामने आ गया। पंजाब के जनचेतना मंच, रोपड़ के पदाधिकारियों और समर्थकों ने हिमाचल प्रदेश से पंजाब की ओर जाने वाले वाहनों को रोककर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी सीमा क्षेत्र में धरने पर बैठ गए और हिमाचल सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने वाले पंजाब के वाहनों से एंट्री टैक्स वसूला जा रहा है, जिससे आम लोगों, व्यापारियों और वाहन चालकों को आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि यह व्यवस्था पंजाब के लोगों के साथ भेदभावपूर्ण है और इसे तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए।
जनचेतना मंच के पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हिमाचल सरकार ने पंजाब से आने वाले वाहनों पर लगाए गए एंट्री टैक्स को तत्काल प्रभाव से वापस नहीं लिया, तो वे पंजाब में हिमाचल के वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगाएंगे। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
धरने और वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से सीमा क्षेत्र में कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही। कई वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा और उन्हें वैकल्पिक मार्गों की जानकारी लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उधर, स्थानीय प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। प्रशासन द्वारा प्रदर्शनकारियों से बातचीत के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
वहीं, इस घटनाक्रम के बाद हिमाचल और पंजाब के बीच परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की नजरें हिमाचल सरकार और संबंधित विभागों की आगामी प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।
