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10 जिलों में बारिश और अंधड़ का येलो अलर्ट, 5 जून तक खराब रहेगा मौसम
हिमाचल में मौसम का बड़ा यू-टर्न! 43°C की झुलसाने वाली गर्मी के बाद अब बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी ने बदला पूरा नज़ारा
10 जिलों में येलो अलर्ट जारी, अगले कई दिनों तक मौसम के तेवर रहेंगे तल्ख; कई इलाकों में फसलों को भारी नुकसान
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए भीषण गर्मी पर ब्रेक लगा दिया है। शनिवार को लगातार दूसरे दिन प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, ओलावृष्टि, अंधड़ और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी रहा। मौसम में आए इस बदलाव से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं कई क्षेत्रों में किसानों और बागवानों को नुकसान भी झेलना पड़ा है।
राजधानी शिमला, कांगड़ा, चंबा, मंडी, हमीरपुर और धर्मशाला समेत कई जिलों में सुबह से बारिश दर्ज की गई। वहीं रोहतांग, धौलाधार और अन्य ऊंची पर्वत चोटियों पर हल्की बर्फबारी देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार बारिश और हिमपात के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में 12 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है।
प्रदेश का सबसे गर्म जिला माने जाने वाला ऊना, जहां एक सप्ताह पहले तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहां शनिवार को अधिकतम तापमान घटकर 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
सिरमौर जिले की छोगटाली और दीदग पंचायतों में हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई खेतों में फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार ओले इतने बड़े और घने थे कि तिरपालों में भी छेद हो गए तथा कई स्थानों पर बर्फ जैसी सफेद परत जम गई।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार को किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर प्रदेश के 10 जिलों के लिए बारिश और तेज अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का अनुमान है कि 31 मई से 5 जून तक प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
खराब मौसम का असर जनजीवन पर भी देखने को मिला। ऊना जिले में गगरेट-दौलतपुर मार्ग पर स्थित दियोली खड्ड में पानी का स्तर बढ़ने से यातायात प्रभावित हुआ। वहीं बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ क्षेत्र में भारी बारिश के चलते कई सड़कें जलमग्न हो गईं। कुछ स्थानों पर वाहन पानी में फंस गए और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
चंबा जिले के सिहुंता, सलूणी, साहो और चुवाड़ी क्षेत्रों में भी मौसम का असर देखने को मिला, जहां हल्की बर्फबारी और बारिश दर्ज की गई। हालांकि बारिश को किसान और बागवान फसलों के लिए लाभदायक मान रहे हैं, लेकिन ओलावृष्टि वाले क्षेत्रों में नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और खड्डों के आसपास जाने से बचने तथा यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
