डीजल की मार से बढ़ा ट्रांसपोर्ट खर्च, उद्योगों और व्यापारियों की बढ़ी चिंता
हिमाचल की ट्रक यूनियनों ने माल भाड़े में किया बड़ा इजाफा, दिल्ली-चंडीगढ़ रूट सबसे ज्यादा प्रभावित
नालागढ़/ऊना। डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब सीधे ट्रांसपोर्ट सेक्टर और उद्योगों पर दिखाई देने लगा है। डीजल के दामों में हाल ही में 2.91 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद हिमाचल प्रदेश की प्रमुख ट्रक यूनियनों ने माल भाड़े में वृद्धि कर दी है।
सबसे बड़ी ट्रक यूनियन मानी जाने वाली नालागढ़ ट्रक यूनियन ने भाड़े में एक रुपये प्रति किलोमीटर तक बढ़ोतरी लागू कर दी है, जबकि गगरेट ट्रक यूनियन ने भी 1 जून से नए रेट लागू करने की घोषणा कर दी है।
जानकारी के अनुसार, नालागढ़ से दिल्ली जाने वाली छोटी गाड़ी का किराया अब 24,991 रुपये से बढ़कर 25,088 रुपये हो गया है। वहीं बड़ी गाड़ी का भाड़ा 38,218 रुपये से बढ़ाकर 38,543 रुपये कर दिया गया है। यूनियन के अनुसार नई दरें मंगलवार सुबह से प्रभावी होंगी।
इसके अलावा लंबी दूरी वाले रूटों पर भी बड़ा असर देखने को मिला है। कलकत्ता रूट पर बड़े ट्रक का किराया 1817 रुपये और छोटे ट्रक का 1090 रुपये बढ़ाया गया है। वहीं चेन्नई रूट पर बड़ी गाड़ी के किराए में 2494 रुपये और छोटी गाड़ी में 1496 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है।
बीबीएनआईए के महासचिव रजनीश विज ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर तीन बार भाड़ा बढ़ने से उद्योग जगत पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने संकेत दिए कि उद्योगपति जल्द बैठक कर तैयार माल की कीमतों में बढ़ोतरी पर फैसला ले सकते हैं।
उधर, नालागढ़ ट्रक यूनियन के प्रधान विद्या रतन चौधरी ने बताया कि डीजल की कीमतों के साथ-साथ ट्रकों में इस्तेमाल होने वाले यूरिया (AdBlue) के दाम भी तेजी से बढ़े हैं। एक बाल्टी यूरिया की कीमत 1200 रुपये से बढ़कर 1920 रुपये तक पहुंच गई है।
इसके अलावा टोल टैक्स भी लगभग दोगुना हो चुका है। दिल्ली रूट पर बड़े ट्रक की टोल पर्ची करीब 4500 रुपये और छोटे ट्रक की 2300 रुपये तक पहुंच गई है। ऐसे हालात में यूनियन को भाड़ा बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा।
वहीं ऊना जिले की गगरेट ट्रक यूनियन ने भी 1 जून से माल भाड़ा बढ़ाने की घोषणा की है। ऊना से दिल्ली तक छह पहिया ट्रक का किराया अब करीब 30 हजार रुपये तक पहुंच जाएगा, जबकि पहले यह लगभग 26 हजार रुपये था। दस पहिया ट्रक का किराया बढ़कर 45 हजार रुपये के करीब हो जाएगा। गगरेट से चंडीगढ़ तक का ट्रांसपोर्ट खर्च भी 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दिया गया है।
गगरेट ट्रक यूनियन के प्रधान सतीश गोगी ने कहा कि डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और परिचालन लागत में इजाफे के कारण किराया बढ़ाना मजबूरी बन गया है। उन्होंने बताया कि टाहलीवाल से चंडीगढ़ जाने वाले छह पहिया ट्रक का किराया भी अब 10 हजार रुपये से बढ़कर 10,400 रुपये हो जाएगा।
