“बालिका के शरीर पर चोटें थीं, बाल काटे गए…” — सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन बातों को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।
पांवटा साहिब में यमुना नदी में मिली 10 वर्षीय बच्ची के शव मामले में पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम और जांच में हत्या या चोट के कोई सबूत नहीं मिले हैं।
पांवटा साहिब (सिरमौर)। यमुना नदी में मिली 10 वर्षीय बालिका के शव को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों और भ्रांतियों पर जिला सिरमौर पुलिस ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस ने साफ कहा है कि अब तक की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के शरीर पर किसी भी प्रकार की चोट, हिंसा या बाल काटे जाने जैसे कोई तथ्य सामने नहीं आए हैं। साथ ही झूठी और भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 20 मई 2026 को अमित कुमार निवासी वर्तमान पता देवी नगर, पांवटा साहिब ने थाना पांवटा साहिब में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी 10 वर्षीय बेटी अनन्या शाम करीब 5 बजे से लापता है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर विभिन्न टीमों का गठन कर बच्ची की तलाश शुरू कर दी।
तलाश के दौरान पुलिस टीम को सूचना मिली कि यमुना घाट के पास नदी में एक बच्ची का शव पड़ा हुआ है। मौके पर पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने बच्ची को नदी से बाहर निकाल रखा था। परिजनों ने शव की पहचान गुमशुदा बालिका अनन्या के रूप में की।
पुलिस के अनुसार बच्ची को सिविल अस्पताल पांवटा साहिब लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद महिला आरक्षी और महिला सुरक्षा कर्मी की मौजूदगी में शव का निरीक्षण किया गया। जांच में शरीर पर किसी प्रकार की चोट के निशान नहीं पाए गए। पुलिस ने बताया कि बच्ची के पैरों में रेत लगी हुई थी और परिजनों ने भी बयान में आशंका जताई कि वह नदी किनारे खेलते समय या नदी पार करते समय डूब गई होगी। परिजनों ने किसी पर कोई शक जाहिर नहीं किया।
मामले में शव का पोस्टमार्टम Dr. YSPGMC नाहन में करवाया गया है। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम से पहले एहतियातन पूरे शरीर के एक्सरे भी करवाए गए थे। जांच में न तो शरीर पर चोट मिली और न ही सिर के बाल काटे जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस के मुताबिक डॉक्टरों ने यह बात मृतका के पिता और उनके चाचा को भी स्पष्ट रूप से बताई है।
पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर हत्या, चोटों और बाल काटे जाने जैसी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिनकी सत्यता की जांच की जा रही है। यदि ये बातें झूठी पाई गईं तो अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि क्षेत्र में अशांति का माहौल न बने।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता से जांच जारी है और आगे जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
