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Himachal News: जीरो एनरोलमेंट वाले स्कूल बंद होते ही खत्म होंगी SMC शिक्षकों की सेवाएं, सरकार ने दिए सख्त निर्देश
प्रदेश में जीरो एनरोलमेंट वाले स्कूलों पर सरकार ने अब बड़ा प्रशासनिक एक्शन शुरू कर दिया
स्कूल बंद होते ही वहां तैनात एसएमसी शिक्षकों की सेवाएं भी खत्म मानी जाएंगी, सरकार ने साफ कर दिए नियम
शिमला। हिमाचल प्रदेश में जीरो या बेहद कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को बंद और मर्ज करने की प्रक्रिया के बीच राज्य सरकार ने एसएमसी (स्कूल प्रबंधन समिति) शिक्षकों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने स्कूल शिक्षा निदेशालय को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन स्कूलों को विद्यार्थियों की संख्या शून्य होने के कारण बंद किया जा रहा है, वहां कार्यरत एसएमसी अध्यापकों को किसी अन्य स्कूल में सेवाएं जारी रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सरकार की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि कई मामलों में बंद या मर्ज किए गए स्कूलों में तैनात एसएमसी शिक्षकों को अन्य विद्यालयों में समायोजित किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। इसे नियमों के विरुद्ध मानते हुए अब विभाग ने साफ कर दिया है कि स्कूल बंद होते ही संबंधित स्कूल प्रबंधन समिति स्वतः समाप्त मानी जाएगी और उसके द्वारा नियुक्त शिक्षकों का कार्यकाल भी उसी समय खत्म हो जाएगा।
शिक्षा विभाग ने जिला स्तर पर विशेष अभियान चलाकर ऐसे मामलों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई एसएमसी शिक्षक बंद हो चुके स्कूल से हटने के बाद किसी अन्य स्कूल में सेवाएं देता पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि एसएमसी अध्यापकों की नियुक्ति केवल संबंधित स्कूल की आवश्यकता और सीमित अवधि के आधार पर की जाती है। ये नियुक्तियां नियमित या अनुबंध कर्मचारियों की श्रेणी में नहीं आतीं, इसलिए उन्हें अन्य विद्यालयों में ट्रांसफर या समायोजित करने का कोई प्रावधान मौजूद नहीं है।
प्रदेश में स्कूलों के मर्जर और बंद करने की प्रक्रिया के बीच सरकार के इस फैसले को शिक्षा व्यवस्था में नियमों की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।
