Himachal News: 25% से कम रिजल्ट देने वाले शिक्षकों पर सख्ती! एसीआर में होगी रेड एंट्री, रुक सकती है इंक्रीमेंट
हिमाचल में अब खराब परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों की जवाबदेही तय होगी। लगातार कमजोर रिजल्ट देने वाले शिक्षकों की एसीआर में रेड एंट्री दर्ज होगी और इंक्रीमेंट रोकने तक की कार्रवाई की तैयारी है।
शिक्षा विभाग ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब बोर्ड परीक्षाओं में लापरवाही या कमजोर प्रदर्शन को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं के कमजोर परिणामों को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। शिक्षा निदेशालय ने स्कूल शिक्षा बोर्ड से विषयवार परीक्षा परिणामों का विस्तृत ब्यौरा मांगा है। इसके आधार पर पिछले तीन वर्षों के परीक्षा परिणामों का विश्लेषण किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार जिन शिक्षकों का परीक्षा परिणाम लगातार 25 फीसदी से कम पाया जाएगा, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। ऐसे शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) में रेड एंट्री दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि यानी इंक्रीमेंट रोकने और तबादला करने जैसी कार्रवाई भी प्रस्तावित है।
सूत्रों के मुताबिक शिक्षा विभाग खासतौर पर शहरी क्षेत्रों के स्कूलों के परिणामों पर फोकस कर रहा है। विभाग का मानना है कि शहरों में संसाधन, इंटरनेट और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद यदि परीक्षा परिणाम कमजोर रहते हैं, तो इसके लिए संबंधित शिक्षकों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। ऐसे शिक्षकों को दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों में भी भेजा जा सकता है।
वहीं दूसरी ओर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने की योजना भी बनाई जा रही है। विभाग बेहतर परिणाम देने वाले शिक्षकों के लिए विशेष प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार नीति तैयार करने पर विचार कर रहा है।
शिक्षा विभाग के इस कदम को शिक्षा व्यवस्था में सुधार और बोर्ड परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
