हिमाचल को झकझोर गया कुल्लू हादसा, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जताया गहरा शोक
चलती बोलेरो पर अचानक गिरा चीड़ का विशाल पेड़, चार महिला शिक्षकों की मौत से प्रदेशभर में मातम पसरा
शिमला/कुल्लू। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कुल्लू जिले के आनी क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने हादसे में चार लोगों की मृत्यु पर संवेदना जताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट की। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने और घायलों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार कुल्लू के उपमंडल आनी के शमशर-गुगरा मार्ग पर शनिवार शाम करीब 4:30 बजे बालीओल के समीप तेज आंधी-तूफान के दौरान एक विशाल चीड़ का पेड़ चलती बोलेरो गाड़ी पर गिर गया। पेड़ के भारी वजन से वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरा और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे के समय बोलेरो में चालक समेत कुल सात लोग सवार थे, जिनमें छह स्कूल शिक्षक शामिल थे। इस दर्दनाक दुर्घटना में चार महिला शिक्षकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को वाहन से बाहर निकाला।
सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, 108 एंबुलेंस और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं। सभी घायलों को सिविल अस्पताल आनी पहुंचाया गया, जहां चार शिक्षिकाओं को मृत घोषित कर दिया गया। दो घायलों को गंभीर हालत में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल रेफर किया गया है, जबकि चालक का उपचार आनी अस्पताल में जारी है।
हादसे में मृतकों की पहचान स्नेह लता, बंती कौंडल, उषा कुमारी और सीमा आजाद के रूप में हुई है। ये सभी शिक्षिकाएं क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में सेवाएं दे रही थीं और ड्यूटी के बाद घर लौट रही थीं। उनकी असामयिक मृत्यु से शिक्षा जगत सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये और घायलों को पांच-पांच हजार रुपये की फौरी राहत राशि प्रदान की गई है।
