“मशीनें थमने की कगार पर… मजदूर गायब!” – बीबीएन में गहराया संकट
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन)।
हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में इन दिनों एक गंभीर श्रमिक संकट सामने आ रहा है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि कई उद्योगों में उत्पादन की रफ्तार थमने लगी है और अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो मशीनें बंद करने तक की नौबत आ सकती है।
उत्पादन पर सीधा असर
क्षेत्र के हजारों छोटे-बड़े उद्योग मजदूरों की कमी से जूझ रहे हैं। कई फैक्ट्रियों में उत्पादन घट चुका है, जबकि कुछ जगहों पर रोजाना का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। उद्योगपतियों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले दिनों में उत्पादन आधा रह सकता है, जिससे औद्योगिक गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा।
दिहाड़ी बढ़ी, सुविधाएं भी—फिर भी कमी बरकरार
मजदूरों को वापस लाने के लिए उद्योगपति हर संभव प्रयास कर रहे हैं। 8 घंटे की दिहाड़ी बढ़ाकर ₹800 से ₹900 तक कर दी गई है और साथ ही भोजन की सुविधा भी दी जा रही है। इसके बावजूद लेबर चौक से लेकर गली-मोहल्लों तक मजदूरों की तलाश जारी है, लेकिन अपेक्षित संख्या में श्रमिक नहीं मिल पा रहे हैं।
पलायन की बड़ी वजहें
ठेकेदारों और उद्योग से जुड़े लोगों के मुताबिक, वर्तमान संकट के पीछे प्रमुख कारण गेहूं की कटाई का सीजन और गैस सिलिंडरों के बढ़ते दाम हैं। बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने-अपने राज्यों को लौट गए हैं, जिससे उद्योगों में श्रमिकों की भारी कमी हो गई है।
अर्थव्यवस्था पर असर की आशंका
बीबीएन क्षेत्र हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में यहां उत्पादन में गिरावट का सीधा असर राज्य की आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है। उद्योगपतियों ने सरकार से अपील की है कि क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं बेहतर की जाएं और स्थायी श्रमिक नीति बनाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसे संकट से बचा जा सके।
👉 अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या समय रहते हालात सुधरेंगे या बीबीएन की औद्योगिक रफ्तार सच में थम जाएगी?
