918 दिन बाद टूटा सब्र का बांध! शिमला में दृष्टिबाधितों का अर्धनग्न प्रदर्शन, सचिवालय के बाहर मचा हंगामा
नौकरी की मांग पर सड़क जाम, पुलिस से धक्कामुक्की—सब्र टूटते ही उग्र हुआ आंदोलन
शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में लंबे समय से शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा दृष्टिबाधितों का आंदोलन मंगलवार को अचानक उग्र हो गया। 918 दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे दृष्टिबाधित बेरोजगारों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया और उन्होंने सचिवालय के बाहर अर्धनग्न होकर जोरदार प्रदर्शन किया।
हिमाचल प्रदेश ब्लाइंड पर्सन्स एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सचिवालय के बाहर सड़क पर उतर आए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई। हालात तब और तनावपूर्ण हो गए जब प्रदर्शनकारियों ने सड़क पूरी तरह जाम करने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।
Also Read
🔴 Himachal Elections 2026: 17 मई को 51 शहरी निकायों में चुनाव, 4 नगर निगम शामिल, आचार संहिता लागू
इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्कामुक्की और तीखी नोकझोंक भी हुई। मौके पर माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण बना रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पिछले 918 दिनों से लगातार अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी मुख्य मांगों में सरकारी विभागों में दृष्टिबाधितों के लिए खाली पड़े बैकलॉग कोटे—जो करीब 1100 पद बताए जा रहे हैं—को तुरंत भरा जाना शामिल है। इसके अलावा वे पेंशन राशि में बढ़ोतरी और दिव्यांगों के लिए प्रभावी कल्याणकारी नीतियों की भी मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
