Chester Hills Dispute: 70 लाख का झटका! रेरा की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप
फ्लैट खरीदारों के पैसे में गड़बड़ी का खुलासा, चेस्टर हिल्स-2 और 4 पर कसा शिकंजा
सोलन। हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (HP RERA) ने सोलन के चर्चित और विवादित चेस्टर हिल्स प्रोजेक्ट पर बड़ा एक्शन लेते हुए चेस्टर हिल्स-2 और चेस्टर हिल्स-4 के प्रमोटरों पर कुल 70 लाख रुपये का अंतरिम जुर्माना ठोक दिया है। अथॉरिटी ने दोनों प्रोजेक्ट्स पर अलग-अलग 35-35 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई है, जिससे रियल एस्टेट सर्कल में हड़कंप मच गया है।
यह कार्रवाई रेरा एक्ट 2016 की धारा 60 के तहत की गई है, जिसमें धारा 4(2)(l)(D) के उल्लंघन को गंभीर माना गया। आरोप है कि प्रमोटरों ने अलॉटियों (फ्लैट खरीदारों) से जुटाए गए फंड्स के सही रखरखाव और खर्चों की पारदर्शी रिपोर्टिंग नहीं की। साथ ही, 70% राशि को अलग बैंक खाते में रखने के नियम का भी पालन नहीं किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, रेरा ने इस पूरे मामले में सुओ-मोटो कार्रवाई शुरू की थी, जो अभी भी जारी है। इससे पहले भी अथॉरिटी इस प्रोजेक्ट पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगा चुकी है और कुछ मामलों में खरीदारों को रिफंड के आदेश भी दिए गए थे।
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चेस्टर हिल्स प्रोजेक्ट पहले से ही कई विवादों में घिरा हुआ है। इसमें धारा 118 के उल्लंघन, बेनामी लेनदेन और गैर-कृषकों द्वारा कृषि भूमि खरीद जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। एसडीएम सोलन की रिपोर्ट में इन गड़बड़ियों की पुष्टि भी हो चुकी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
रेरा ने सोलन प्रशासन को तीन बार पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी, लेकिन जवाब अब तक लंबित है, जिससे मामले में ब्यूरोक्रेटिक देरी भी सामने आई है। इस बीच सीपीआईएम समेत विपक्षी दलों ने पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग तेज कर दी है।
गौरतलब है कि यह प्रोजेक्ट सोलन में लग्जरी हाउसिंग के रूप में पंजीकृत है और सैकड़ों लोगों ने इसमें निवेश किया है। रेरा की इस कार्रवाई को खरीदारों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है, लेकिन प्रोजेक्ट की वैधता और निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल अब भी बरकरार हैं।
अथॉरिटी ने प्रमोटरों को दो-तिहाई अलॉटियों की सहमति लाने का निर्देश दिया है। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो आगे और कड़ी कार्रवाई और भारी पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता है।
