हिमाचल में नशे के नेटवर्क पर बड़ा खुलासा! कोर्ट तक पहुंची चिट्टा तस्करी की जड़ें
बैंक अधिकारी के बाद अब कोर्ट का चपरासी गिरफ्तार—जांच में चौंकाने वाले लिंक सामने आए
शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में चिट्टा तस्करी मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। ठियोग थाना पुलिस की जांच में नशे का नेटवर्क आम लोगों से निकलकर सिस्टम के अंदर तक पहुंचता नजर आ रहा है। इसी कड़ी में पुलिस ने जेएमएफसी कोर्ट ठियोग में कार्यरत एक चपरासी को गिरफ्तार किया है, जिससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।
दरअसल, 12 अप्रैल को ठियोग पुलिस ने नंगलदेवी के पास नाकाबंदी के दौरान एक कार को रोका था। तलाशी के दौरान कुलदीप वर्मा उर्फ आशू निवासी नलेहा के कब्जे से 8.340 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया।
पूछताछ में कुलदीप वर्मा ने खुलासा किया कि वह यह चिट्टा हितेंद्र मेहता उर्फ रिंकू को सप्लाई करने जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की, जिसमें व्हाट्सएप चैट और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए नशे के लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले। जांच में सामने आया कि हितेंद्र मेहता, जो कोर्ट में चपरासी के पद पर तैनात है, इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
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पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हितेंद्र मेहता को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 (षड्यंत्र) भी जोड़ दी गई है। इससे पहले इसी मामले में एक बैंक अधिकारी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है, जिससे यह साफ हो रहा है कि यह नेटवर्क कई स्तरों तक फैला हुआ है।
पुलिस के अनुसार, साल 2026 में अब तक शिमला जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत 100 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 214 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 38 गिरफ्तारियां बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर हुई हैं, जो इस बात का संकेत है कि पुलिस अब नशे के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की दिशा में काम कर रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस तरह के नेटवर्क को तोड़ने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
