चेस्टर हिल भूमि विवाद में बड़ा एक्शन!
कृषक दंपती और दो बिल्डरों पर गिरी प्रशासन की नजर, 23 अप्रैल को देना होगा जवाब
सोलन। सोलन जिले के चर्चित चेस्टर हिल भूमि विवाद में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। उपायुक्त सोलन ने मामले में शामिल एक कृषक दंपती और दो बिल्डरों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
प्रशासन के आदेशों के तहत चारों आरोपियों को 23 अप्रैल को उपायुक्त की अदालत में पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा। तय समय पर संतोषजनक जवाब न देने की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) से मिले निर्देशों के बाद उठाया गया है।
यह पूरा मामला हिमाचल प्रदेश टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्म्स एक्ट की धारा-118 के कथित उल्लंघन से जुड़ा हुआ है। इस धारा के तहत राज्य में बाहरी व्यक्तियों या गैर-कृषकों द्वारा भूमि खरीद पर सख्त नियम लागू हैं। आरोप है कि चेस्टर हिल क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त के दौरान इन नियमों की अनदेखी की गई और संभावित रूप से बेनामी लेनदेन भी हुआ।
मामले की प्रारंभिक जांच पहले एसडीएम सोलन द्वारा की जा चुकी है, जिसमें धारा-118 के उल्लंघन की बात सामने आई थी। हालांकि, किसी कारणवश उस समय कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई थी। अब दोबारा मामला सामने आने के बाद उपायुक्त कार्यालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जमीन को सरकार के अधीन भी किया जा सकता है। फिलहाल सभी की नजरें 23 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां से इस मामले की दिशा तय होगी।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने बताया कि सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और उनके जवाब के आधार पर आगामी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
