अप्रैल की शुरुआत में ही हिमाचल का मौसम अचानक बिगड़ गया है—पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश, अंधड़ व ओलावृष्टि ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में एक से सात अप्रैल के बीच मौसम ने अप्रत्याशित रुख अपनाया। इस दौरान प्रदेश में सामान्य से 82 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। जहां सामान्य तौर पर इस अवधि में 15.2 मिलीमीटर वर्षा होती है, वहीं इस बार 27.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो मौसम के असामान्य बदलाव को दर्शाती है।
प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश देखने को मिली।
शिमला, सोलन, मंडी और बिलासपुर में बादलों ने जमकर बरसात की। सोलन में सबसे अधिक करीब 485 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जबकि शिमला में 271 फीसदी और मंडी में 216 फीसदी अधिक वर्षा हुई। कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, हमीरपुर, सिरमौर और लाहौल-स्पीति में भी सामान्य से ज्यादा बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी रहा।
वहीं ऊना और किन्नौर ऐसे जिले रहे, जहां सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। ऊना में करीब 9 फीसदी और किन्नौर में लगभग 12 फीसदी कम वर्षा हुई, जिससे इन क्षेत्रों में मौसम का असर अपेक्षाकृत कम रहा।
मौसम के इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार अधिकतम तापमान में 7 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंडक फिर से बढ़ गई है, खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते सर्दी का अहसास गहरा गया है।
मैदानी इलाकों में हालात अलग नजर आ रहे हैं। यहां तेज बारिश के साथ अंधड़ और ओलावृष्टि ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जगहों पर तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की घटनाएं सामने आई हैं, वहीं किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों के लिए अलर्ट जारी किया है। कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सोलन जिलों में अंधड़ और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अनुमान है कि 9 अप्रैल तक मौसम खराब बना रहेगा, जबकि 10 अप्रैल को कुछ राहत मिल सकती है और धूप खिलने की संभावना है।
हालांकि राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है। 11 से 13 अप्रैल के बीच एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में दोबारा बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम के अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
