हिमाचल: छात्र की मौत ने मचाया बवाल, शूलिनी यूनिवर्सिटी पर FIR
प्लेसमेंट और मानसिक दबाव पर उठे गंभीर सवाल
सोलन। सोलन में छात्र की आत्महत्या के बाद मामला तूल पकड़ गया है। अब पुलिस ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को घेरे में लिया है और जांच तेज कर दी गई है।
सोलन के मधुबन कॉलोनी में रोहड़ू निवासी 21 वर्षीय छात्र नितिन की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने शूलिनी यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोप है कि छात्र पर मानसिक दबाव बनाया गया और उसे आत्महत्या के लिए उकसाया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक के पास से बरामद डायरी और सुसाइड नोट को जांच के लिए जुन्गा स्थित फॉरेंसिक लैब भेज दिया है।
घटना के बाद पहले मामला शांत नजर आ रहा था, लेकिन जैसे ही यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया, पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि प्लेसमेंट के समय जिस वेतन का वादा किया गया था, वास्तविकता में उससे कम सैलरी दी जा रही थी, जिससे छात्र मानसिक तनाव में आ गया था।
पुलिस अब हर पहलू से जांच कर रही है और यूनिवर्सिटी प्रबंधन से पूछताछ भी जारी है। एसपी सोलन टी एसडी वर्मा के अनुसार, मामले में सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच की जा रही है।
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जानकारी के अनुसार, 28 मार्च को पुलिस को क्षेत्रीय अस्पताल से सूचना मिली थी कि मधुबन कॉलोनी में एक युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि मृतक के गले पर रस्सी के निशान थे, जबकि शरीर पर अन्य कोई चोट नहीं थी। घटनास्थल से मोबाइल फोन, डायरी और रस्सी बरामद की गई थी। डायरी में लिखे सुसाइड नोट में छात्र ने अपनी जिंदगी से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात कही है।
मामले ने राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। एसएफआई जिला सोलन कमेटी ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, माकपा नेता संजय चौहान ने चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी यूनिवर्सिटी में धरना-प्रदर्शन करेगी।
इधर, यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से बयान जारी कर दुख व्यक्त किया गया है। प्रशासन ने घोषणा की है कि मृतक छात्र की स्मृति में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के एक छात्र को अगले 10 वर्षों तक एमबीए की पूरी पढ़ाई के लिए पूर्ण छात्रवृत्ति दी जाएगी।
फिलहाल, पुलिस जांच जारी है और सभी की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आखिर इस पूरे मामले में सच्चाई क्या सामने आती है।
