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👉 “पेड़ों से पहले हम कट जाएंगे!”
👉 15 दिन तक नारीवाला में चला संघर्ष आज आर-पार की चेतावनी के साथ थमा, लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं…
जल, जंगल, जमीन बचाओ आंदोलन थमा, लेकिन संघर्ष जारी रहने के संकेत
पांवटा साहिब (सिरमौर)। नारीवाला क्षेत्र में लगभग 15 दिनों तक चले “जल, जंगल, जमीन बचाओ आंदोलन” का समापन आज तीखे विरोध और आर-पार की चेतावनी के साथ हुआ। आंदोलन के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने पेड़ कटान के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे समाजसेवी व पर्यावरणविद तथा “जस्टिस फॉर देव आत्मा हिमालय” के संस्थापक नाथूराम चौहान ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला वोट की राजनीति से प्रेरित है, जहां पहले से मौजूद सड़क के बावजूद नई सड़क निकालने के लिए सैकड़ों साल पुराने पेड़ों की बलि दी जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता बाहरी लोगों को खुश करने के लिए पर्यावरण और स्थानीय लोगों की भावनाओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। चौहान के अनुसार, जिन गुर्जर परिवारों के नाम पर सड़क निर्माण की बात हो रही है, उन्होंने पहले ही जंगल क्षेत्र में अवैध कब्जा कर रखा है और वहां पेड़ों को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि इन लोगों की पहचान, अनुमति और उनके द्वारा किए गए नुकसान की भरपाई कौन करेगा।
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आंदोलन के दौरान तीन पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीणों ने पहले पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया, फिर शस्त्र पूजन किया और अंत में पेड़ों को बचाने के लिए मानव श्रृंखला बनाकर चिपको आंदोलन की तर्ज पर विरोध किया। जब वन निगम और पुलिस विभाग के कर्मचारी पेड़ काटने पहुंचे, तो महिलाओं सहित सैकड़ों लोगों ने पेड़ों के चारों ओर घेरा बनाकर कटान रुकवा दिया।
स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई, लेकिन स्थानीय लोगों की सूझबूझ और अधिकारियों के सहयोग से बड़ा टकराव टल गया। ग्रामीणों के विरोध के बाद वन निगम के अधिकारी बिना पेड़ काटे ही वापस लौट गए।
ग्रामीणों ने नाथूराम चौहान का आभार जताया, जिन्होंने पूरे आंदोलन में उनका नेतृत्व किया और साथ दिया। चौहान ने स्पष्ट कहा कि यह लड़ाई यहीं खत्म नहीं हुई है, बल्कि आगे भी लगातार जारी रहेगी।
इस मौके पर अनिल चौधरी (पूर्व प्रधान), ओमप्रकाश (पूर्व प्रधान), जमीरी चौधरी (वाइस चेयरमैन जिला परिषद), साधुराम (लंबरदार), मोहनलाल (पूर्व वार्ड सदस्य), राजेश्वर शर्मा (उप प्रधान), चंपा देवी, सुनीता देवी (पूर्व वार्ड सदस्य), रेखा शर्मा (अध्यक्ष वन समिति), सरनाराम सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
