क्या दबाव में झुकी सरकार?
या जनता की जीत—एंट्री टैक्स बढ़ोतरी वापस!
शिमला। हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स को लेकर मचे बवाल के बीच मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने बड़ा यू-टर्न लेते हुए सीमा क्षेत्रों में वाहनों पर बढ़ाई गई टैक्स दरों को वापस लेने का ऐलान कर दिया है। लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार ने पुरानी दरें ही फिर से लागू कर दी हैं।
क्या हैं नई (पुरानी) दरें?
अब पांच सीट वाले वाहनों के लिए ₹70 और 6 से 12 सीट वाले वाहनों के लिए ₹110 ही एंट्री टैक्स लिया जाएगा। इससे पहले बढ़ाई गई दरों को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली थी।
पहले किया बचाव, अब लिया फैसला
मुख्यमंत्री सुक्खू ने शुरुआत में इस टैक्स बढ़ोतरी का बचाव करते हुए कहा था कि यह कोई नया टैक्स नहीं है, बल्कि इसे “तर्कसंगत” (rationalized) किया गया है। लेकिन विरोध तेज होने के बाद सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना पड़ा।
“भ्रम” पर आधारित थे विरोध—सीएम
सीएम सुक्खू ने विरोध प्रदर्शनों को “भ्रम” पर आधारित बताया, लेकिन साथ ही यह भी स्वीकार किया कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए सरकार टैक्स ढांचे की समीक्षा कर रही है।
सरकार की नजर विकास और योजनाओं पर
एंट्री टैक्स विवाद के बीच मुख्यमंत्री कई अन्य योजनाओं पर भी फोकस बनाए हुए हैं। इनमें ‘मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार’ योजना के तहत करीब 1 लाख गरीब परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य शामिल है।
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स्वास्थ्य सेवाओं में भी बड़ा कदम
सरकार सरकारी अस्पतालों में सब्सिडी वाली रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधाएं शुरू करने की दिशा में भी काम कर रही है, जिससे आम लोगों को बेहतर इलाज मिल सके।
विकास परियोजनाओं को मिल रही रफ्तार
राज्य में विकास कार्यों को गति देते हुए श्री रेणुकाजी क्षेत्र में करीब ₹29.50 करोड़ की परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही अन्य राज्यों के साथ समन्वय बनाकर आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की कोशिश भी जारी है।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि उनकी सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देते हुए फैसले ले रही है, ताकि जनता का विश्वास कायम रखा जा सके।
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