Table of Contents
हिमाचल कांग्रेस की नई कार्यकारिणी बनते ही सियासत गरमाई
एक बड़े चेहरे की अनदेखी ने कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक को किया नाराज
कांग्रेस कार्यकारिणी गठन के साथ ही उठे सवाल
नाहन (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी का लंबे समय बाद गठन हुआ, लेकिन इसके साथ ही पार्टी के पारंपरिक वर्गों में असंतोष भी उभरने लगा है। खासतौर पर गुज्जर समुदाय में इस फैसले को लेकर नाराजगी साफ देखने को मिल रही है।
रंगीला राम राव को जगह न मिलने पर रोष
समुदाय के प्रतिनिधियों में उपाध्यक्ष गुज्जर कल्याण परिषद सिरमौर सुभाष चौधरी, हेम राज चौधरी, सचिव सोमनाथ भाटिया, ऋषि पाल, मनीष खेपड़ और सुखबीर चौधरी ने संयुक्त रूप से प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता रंगीला राम राव को प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल न किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई है।
Also Read
🔴 कालाअंब फैक्टरी धमाका अपडेट: 5 मजदूर घायल, ऑटोक्लेव का ढक्कन 500 मीटर दूर तक उड़ा था
विकास कार्यों में अहम योगदान का दावा
प्रतिनिधियों का कहना है कि रंगीला राम राव ने सरकाघाट तहसील के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भी सक्रिय योगदान दिया है, जिससे उन्हें गुज्जर समुदाय में एक मजबूत और सम्मानित नेता माना जाता है।
परंपरागत वोट बैंक पर असर की आशंका
समुदाय के नेताओं ने चेतावनी दी है कि इस तरह के फैसलों से कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक पर असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि गुज्जर समुदाय लंबे समय से कांग्रेस का समर्थक रहा है और ऐसे में वरिष्ठ नेता की अनदेखी से समुदाय में दूरी बढ़ सकती है।
45 विधानसभा क्षेत्रों में प्रभाव, 25 में निर्णायक भूमिका
प्रतिनिधियों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में गुज्जर समुदाय का प्रभाव जिला सिरमौर के पांवटा साहिब से लेकर चंबा, मंडी, कुल्लू और ऊना तक करीब 45 विधानसभा क्षेत्रों में है। इनमें से लगभग 25 सीटों पर यह समुदाय हार-जीत में अहम भूमिका निभाता है।
नेतृत्व से अहम पद देने की मांग
गुज्जर समुदाय के प्रतिनिधियों ने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की है कि बिना देरी किए रंगीला राम राव को प्रदेश कांग्रेस कमेटी में एक महत्वपूर्ण पद दिया जाए, ताकि पार्टी का परंपरागत वोटर जुड़ा रहे और असंतोष को दूर किया जा सके।
Also Read
🔴 अवैध खनन को लेकर सिरमौर पुलिस का बड़ा एक्शन, जानें कितने वाहनों को किया गया जब्त
