धर्मशाला के कन्या स्कूल को मर्ज करने के फैसले पर बढ़ा विरोध, व्यापार मंडल के बाद सामाजिक संगठनों ने भी खोला मोर्चा
धर्मशाला (कांगड़ा)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (कन्या) धर्मशाला को अन्य स्कूल के साथ मर्ज करने के प्रस्ताव के खिलाफ विरोध अब और तेज हो गया है। पहले जहां छात्राओं और अभिभावकों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था, वहीं अब इस मुद्दे पर कई सामाजिक और स्थानीय संगठन भी खुलकर समर्थन में आ गए हैं।
शुक्रवार को निकाली गई रोष रैली के बाद मामला ठंडा नहीं पड़ा, बल्कि शनिवार को विरोध का दायरा और बढ़ गया। छात्राओं द्वारा उठाई गई सुरक्षा और पढ़ाई से जुड़ी चिंताओं को अब विभिन्न संगठनों ने भी जायज ठहराया है। उनका कहना है कि कन्या स्कूल का अलग अस्तित्व खत्म करना न केवल छात्राओं के हितों के खिलाफ है, बल्कि यह एक पुराने और प्रतिष्ठित संस्थान की पहचान को भी नुकसान पहुंचाएगा।
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इससे पहले कचहरी अड्डा व्यापार मंडल और कोतवाली बाजार व्यापारियों ने भी इस फैसले का विरोध किया था। अब अन्य सामाजिक संगठनों के समर्थन से आंदोलन को और मजबूती मिलती नजर आ रही है।
स्कूल प्रबंधन समिति की अध्यक्ष सुमिता पठानिया के नेतृत्व में पहले ही एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा से मिल चुका है और प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचा चुका है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया तो आंदोलन और उग्र हो सकता है।
