नरेंद्र मोदी सरकार ने घटाई एक्साइज ड्यूटी, जबकि हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर नए सेस की तैयारी पर बवाल
शिमला। हिमाचल प्रदेश की सियासत में ईंधन की कीमतों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने केंद्र सरकार के हालिया फैसलों की सराहना करते हुए राज्य की हिमाचल प्रदेश सरकार पर जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने का आरोप लगाया है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 26 मार्च 2026 को जारी गजट अधिसूचना के तहत पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में बड़ी कटौती कर आम लोगों को राहत देने का काम किया है। उनके अनुसार पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को ₹13 से घटाकर ₹3 प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर यह पूरी तरह खत्म कर दी गई है। उन्होंने इसे वैश्विक अस्थिरता के बीच लिया गया एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी निर्णय बताया।
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उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए केंद्र ने ईंधन की घरेलू उपलब्धता बनाए रखने के लिए निर्यात शुल्क जैसे कदम भी उठाए हैं, ताकि देश में कीमतों को नियंत्रण में रखा जा सके और आपूर्ति बाधित न हो।
हालांकि, डॉ. बिंदल ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जहां केंद्र टैक्स घटाकर राहत दे रहा है, वहीं प्रदेश की कांग्रेस सरकार पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त सेस लगाने की तैयारी कर रही है। उनके मुताबिक यह कदम आम जनता, किसानों, बागवानों और परिवहन क्षेत्र के लिए आर्थिक दबाव बढ़ाने वाला साबित होगा।
उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार पहले से ही डीजल पर ऊंचा टैक्स वसूल रही है और अब प्रस्तावित ₹5 प्रति लीटर सेस लोगों की जेब पर और असर डालेगा। बिंदल ने इसे जनविरोधी निर्णय बताते हुए कहा कि भाजपा इसका विरोध करेगी और जनता के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएगी।
इस पूरे मुद्दे पर उन्होंने केंद्र और राज्य की नीतियों के बीच स्पष्ट अंतर बताते हुए कहा कि एक ओर केंद्र सरकार राहत देने की दिशा में काम कर रही है, जबकि दूसरी ओर प्रदेश सरकार नए करों के जरिए राजस्व जुटाने पर जोर दे रही है।
