त्रिलोकपुर में अष्टमी पर आस्था का सैलाब: 28 हजार श्रद्धालुओं ने टेका माथा, महाआरती बनी आकर्षण का केंद्र
कालाअंब (सिरमौर)। हिमाचल-हरियाणा सीमा पर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ त्रिलोकपुर मंदिर में वीरवार को दुर्गा अष्टमी और राम नवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। चैत्र नवरात्र के इस विशेष दिन करीब 28 हजार श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंचकर माता रानी के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।
अष्टमी तिथि सुबह 11:48 बजे तक रहने के कारण मंदिर परिसर में कंजक पूजन सुबह ही संपन्न कर लिया गया। मंदिर न्यास समिति के संयुक्त आयुक्त एवं एसडीएम नाहन राजीव संख्यान ने विधिवत पूजा-अर्चना, हवन यज्ञ और कंजक पूजन किया। वहीं, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी कंजक पूजन कर माता का आशीर्वाद लिया।
रात करीब 2 बजे से ही श्रद्धालुओं की कतारें मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर लगनी शुरू हो गई थीं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन को मध्यरात्रि में ही मंदिर के द्वार खोलने पड़े। दिनभर मंदिर के प्रवेश द्वार से लेकर बाजार तक लंबी कतारें लगी रहीं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यापक स्तर पर बैरिकेडिंग और प्रबंधन किया गया था।
नवरात्र मेले में हरियाणा और आसपास के राज्यों के शहरों जैसे पानीपत, सोनीपत, करनाल, जींद, हिसार, रोहतक, यमुनानगर, अंबाला, कैथल, पंचकुला, डेराबस्सी, पिहोवा, सहारनपुर और विकासनगर से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
शाम करीब 6:15 बजे शिव मंदिर ताल में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे। इससे पहले प्रथम नवरात्र की संध्या पर भी महाआरती का आयोजन किया गया था।
एसडीएम राजीव संख्यान ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से ही सुनिश्चित की गई थीं और मेला शांतिपूर्वक संचालित हो रहा है। उन्होंने बताया कि अष्टमी के दिन मंदिर को चढ़ावे के रूप में 10.94 लाख रुपये नकद, करीब 6.5 ग्राम सोना, 4325 ग्राम चांदी और एक रुपये का सिक्का प्राप्त हुआ।
नवरात्र के इस पावन अवसर पर त्रिलोकपुर में उमड़ी आस्था की यह भीड़ एक बार फिर इस शक्तिपीठ की महिमा और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था को दर्शाती है।
