हिमाचल में बढ़ा साइबर ठगी का खतरा, नकली हेल्पलाइन नंबर के जरिए लोगों को बनाया जा रहा शिकार; पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में साइबर ठगी का एक नया और खतरनाक तरीका तेजी से सामने आ रहा है। ठग अब गूगल सर्च का सहारा लेकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। वे विभिन्न कंपनियों के नाम से फर्जी कस्टमर केयर नंबर इंटरनेट पर डाल देते हैं, जिससे आम लोग भ्रमित होकर सीधे उन्हीं नंबरों पर कॉल कर बैठते हैं।
जैसे ही कोई व्यक्ति इन नकली नंबरों पर संपर्क करता है, ठग खुद को कंपनी का अधिकारी बताकर भरोसा जीत लेते हैं। इसके बाद वे बैंक डिटेल्स, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते हैं और कुछ ही समय में खाते से पैसे साफ कर देते हैं।
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने इस बढ़ते साइबर खतरे को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि इंटरनेट पर दिखने वाले हर नंबर को सही मान लेना बड़ी गलती हो सकती है।
पुलिस ने लोगों को यह भी सुझाव दिया है कि किसी भी कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट से नंबर की पुष्टि जरूर करें। इसके अलावा, किसी भी अनजान लिंक, कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें और अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा करने से बचें।
यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करना चाहिए। साथ ही, National Cyber Crime Reporting Portal (cybercrime.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर भी कार्रवाई शुरू करवाई जा सकती है।
हिमाचल पुलिस ने साफ किया है कि जागरूकता ही इस तरह की ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है, इसलिए सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।
