“सालों से बदहाल सड़क, पानी का संकट… आखिर कब जागेगा सिस्टम?” कालाअंब की बैठक में फूटा उद्यमियों का दर्द
नाहन / कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में मंगलवार को हुई प्रशासन-उद्योगपतियों बैठक में समस्याओं का ऐसा पिटारा खुला, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। जिला उपायुक्त प्रियंका वर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 80 से ज्यादा उद्यमियों ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई और साफ कहा—अब सिर्फ आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए।
सबसे ज्यादा नाराजगी कालाअंब-त्रिलोकपुर सड़क को लेकर देखने को मिली। उद्यमियों में संजय सिंगला, दीपन गर्ग और सुरेन्द्र जैन ने बताया कि नवरात्र मेले से पहले हर साल इस सड़क की मरम्मत होती थी, लेकिन इस बार एक साल से ज्यादा समय बीतने के बावजूद सड़क की हालत बद से बदतर बनी हुई है। सवाल उठाया गया कि उक्त सड़क क्यूँ नहीं बनाई जा रही?
पानी और ट्रैफिक ने बढ़ाई टेंशन
बैठक में दूसरा बड़ा मुद्दा पेयजल संकट का रहा। उद्योगों को पेयजल नहीं मिलने से काम प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही कालाअंब-त्रिलोकपुर मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। उद्यमियों ने सुझाव दिया कि या तो त्रिलोकपुर से बायपास बनाया जाए या खैरी-टोका साहिब-नारायणगढ़ मार्ग को तुरंत सुचारु बनाया जाए। ताकि वाया कालाअंब की अपेक्षा ट्रैफिक को सीधे नारायणगढ़ डायवर्ट किया जा सके।
टोल बैरियर बना ‘बॉटलनेक’, ESIC पहुंच भी मुश्किल
कालाअंब टोल बैरियर पर पिलरों की वजह से सड़क संकरी होने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। उद्यमियों ने कहा कि यह जगह अब ‘बॉटलनेक’ बन चुकी है, जहां कभी भी बड़ा जाम लग जाता है। वहीं, ESIC अस्पताल तक सुरक्षित और वैकल्पिक मार्ग की कमी को लेकर भी चिंता जताई गई।
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छोटी समस्याएं, बड़ा असर
नालियों की सफाई न होना, कूड़ा निपटान की दिक्कत, 220 केवी अंधेरी सब स्टेशन, चेकडैम निर्माण, वाहन फिटनेस सुविधा कालाअंब में ही मुहैया कराने और साडा फंड के उपयोग जैसे कई मुद्दे भी बैठक में उछले। उद्यमियों ने साफ कहा कि ये “छोटी समस्याएं” मिलकर उद्योगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुकी हैं।
प्रशासन का भरोसा—अब होगी कार्रवाई!
जिला उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने सभी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाते हुए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए। साथ ही हर तीन महीने में बैठक कर प्रगति की समीक्षा करने की बात कही।
अब नजर कार्रवाई पर
बैठक में जिस तरह से उद्यमियों ने अपनी बात रखी, उससे साफ है कि कालाअंब में बुनियादी सुविधाओं की हालत चिंता का विषय बन चुकी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या इस बार वाकई कुछ बदलेगा, या फिर ये बैठक भी फाइलों में ही सिमट कर रह जाएगी?
उपस्थित अधिकारी एवं उद्यमी
लघु उद्योग भारती फार्मा विंग के प्रदेशध्यक्ष संजय सिंगला, डॉ. दान सिंह, मनोज गर्ग, हर्ष कांसल, नवरतन देव, विकास बंसल, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक रचित शर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता आलोक जानवेजा, विद्युत विभाग के सहायक अभियंता महेश चौधरी सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं उद्यमी भी उपस्थित रहे।
