राजगढ़ में जलती कार ने बढ़ाई दहशत, लोगों की बहादुरी से टला बड़ा हादसा; फायर स्टेशन की कमी फिर आई सामने
राजगढ़ (सिरमौर)। जिला सिरमौर के उपमंडल राजगढ़ के पुराने बस अड्डे पर माहौल अचानक दहशत में बदल गया, जब वहां खड़ी एक मारुति कार में आग भड़क उठी। कुछ ही पलों में कार से घना धुआं निकलने लगा और लपटें तेज़ी से उठने लगीं। मौके पर मौजूद लोग घबरा गए, लेकिन इसी अफरा-तफरी के बीच स्थानीय नागरिकों ने हिम्मत और जिम्मेदारी का परिचय दिया।
बिना किसी सरकारी मदद के, लोगों ने खुद आगे बढ़कर आग बुझाने की कोशिश शुरू की। बाल्टियों, पानी और उपलब्ध साधनों के सहारे उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। अगर थोड़ी भी देर होती, तो आग पास खड़ी अन्य गाड़ियों और दुकानों तक फैल सकती थी, जिससे बड़ा नुकसान और जान का खतरा पैदा हो सकता था।
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यह घटना सिर्फ एक आगजनी नहीं, बल्कि एक गंभीर सवाल भी छोड़ गई है। क्या राजगढ़ जैसे क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा सिर्फ उनकी अपनी सूझबूझ पर निर्भर है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजगढ़ में आज तक न तो अग्निशमन विभाग का कार्यालय है और न ही फायर ब्रिगेड की कोई गाड़ी उपलब्ध। हैरानी की बात यह है कि सरकार द्वारा कुछ महीने पहले यहां अग्निशमन केंद्र खोलने की अधिसूचना जारी की गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया।
गर्मी का मौसम शुरू होते ही आगजनी की घटनाएं बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में बिना फायर सुविधा के लोगों को हर बार अपनी जान जोखिम में डालकर हालात से लड़ना पड़ता है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से एकजुट होकर मांग की है कि जल्द से जल्द राजगढ़ में अग्निशमन केंद्र स्थापित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि सुरक्षा सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है।
