कांगड़ा निर्माण मजदूरों का बड़ा विरोध: 800 क्लेम फंसे, अधिकारियों और मंत्रियों के पुतले जलाने की चेतावनी
कांगड़ा: जिला कांगड़ा के निर्माण मजदूरों ने अपने लंबित क्लेमों को लेकर सरकार और अधिकारियों पर गुस्सा जताया है। ट्रेड यूनियन को-ऑर्डिनेशन सेंटर ने एसडीएम कार्यालय धीरा में ज्ञापन सौंपते हुए प्रदेश निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
बोर्ड अधिकारियों पर आरोप:
ट्रेड यूनियन के राज्य महासचिव रविंद्र सिंह रवि और राज्य अध्यक्ष चौधरी प्रेमचंद ने कहा कि बोर्ड का एक अधिकारी, जिसके पास कई विभागों का अतिरिक्त चार्ज है, हमीरपुर मुख्यालय में ही नहीं आता। उनका कहना है कि अधिकारी पिछले तीन वर्षों से मजदूरों के कल्याण के प्रति तानाशाही रवैया अपना रहे हैं।
लंबित क्लेम और पैसा नहीं:
जिला कांगड़ा से लगभग 800 क्लेम पूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भेजे गए, लेकिन बोर्ड में फंसे हुए हैं। इसके अलावा, पिछले तीन सालों में पास हुए क्लेम के पैसे भी खातों में नहीं भेजे जा रहे। इसमें मृतक मजदूरों के क्लेम भी शामिल हैं। मजदूरों को दो साल से ई-केवाईसी प्रक्रिया में उलझाया जा रहा है और लगातार आपत्तियां लगाई जा रही हैं।
मजदूरों की चेतावनी:
ट्रेड यूनियन ने कहा कि कल्याण बोर्ड की मीटिंग में पास किए गए नियम लागू नहीं किए जा रहे और निर्माण मजदूरों की कल्याणकारी योजनाओं को जानबूझकर रोका गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एक माह के भीतर सभी क्लेम पास नहीं किए गए, तो वे सरकार और बोर्ड के अधिकारियों व मंत्रियों के पुतले जलाएंगे।
उपस्थित मजदूर:
इस मौके पर अमन चौधरी, विनोद कुमार, सरवन कुमार, संजय कुमार, राकेश शर्मा, रीता देवी, कृष्णा देवी, सुरजीत सिंह राणा, मेघा राणा सहित अन्य निर्माण मजदूर भी मौजूद रहे।
