हाईकोर्ट ने विद्यार्थियों की शिकायत पर लिया संज्ञान, 5 मई तक मांगी विस्तृत रिपोर्ट
शिमला/नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई के आरोपों पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई से पहले पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए।
अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि सरकार यह स्पष्ट करे कि शिलाई क्षेत्र में इतने बड़े स्तर पर पेड़ों की कटाई क्यों की गई। साथ ही यह भी बताया जाए कि क्या इस कटान के लिए संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं। कोर्ट ने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे के कारणों को भी विस्तार से बताने को कहा है।
इस मामले की अगली सुनवाई 5 मई को निर्धारित की गई है। तब तक राज्य सरकार को सभी तथ्यों के साथ अपना पक्ष अदालत के सामने रखना होगा।
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खास बात यह है कि इस पूरे मामले की शुरुआत शिलाई के विद्यार्थियों द्वारा भेजे गए एक पत्र से हुई। छात्रों ने अपने पत्र में क्षेत्र में हो रही अवैध कटाई को लेकर चिंता जताई थी। इसके साथ ही उन्होंने कुछ तस्वीरें भी साझा की थीं, जिनमें साफ तौर पर जंगलों में हो रही कटाई नजर आ रही थी।
हाईकोर्ट द्वारा लिए गए इस संज्ञान को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या जवाब देती है और आगे क्या कार्रवाई होती है।
