सिरमौर में जागरूकता की पहल: नशे और साइबर अपराध के खिलाफ ग्रामीणों को किया सचेत
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिरमौर जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में समाज को नशे और साइबर अपराध जैसी बढ़ती चुनौतियों से जागरूक करने की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। सैनवाला पंचायत के ग्राम घुँगलों में आयोजित जागरूकता शिविर ने न केवल लोगों को कानून की बारीकियों से परिचित कराया, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति भी सजग किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरमौर द्वारा “मेरा गांव मेरा देश एक सहारा” संस्था के सहयोग से आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम में प्राधिकरण के सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नव कमल ने विशेष रूप से लोगों को संबोधित किया। उन्होंने सरल भाषा में बताया कि आम नागरिक किस तरह निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ उठा सकते हैं और कानून उनके जीवन को सुरक्षित बनाने में कैसे मदद करता है।
शिविर का मुख्य फोकस नशा मुक्ति रहा। वक्ताओं ने युवाओं को समझाया कि नशा सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि एक ऐसी लत है जो व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और भविष्य—तीनों को नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि कैसे नशे की वजह से सामाजिक ताना-बाना कमजोर होता है और आर्थिक परेशानियां बढ़ती हैं।
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इसके साथ ही डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड और सोशल मीडिया स्कैम से बचने के आसान तरीके बताए। लोगों को सलाह दी गई कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
कार्यक्रम में संस्था के निदेशक डॉ. अनुराग गुप्ता, अध्यक्ष पुष्पा खंडूजा, संजीव कुमार सहित प्रशासन, पुलिस विभाग और स्थानीय प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी ने मिलकर इस पहल को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
इस तरह के जागरूकता शिविर न केवल जानकारी देते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव भी रखते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने इसे नशा मुक्त, जागरूक और सुरक्षित समाज की ओर बढ़ता एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
