हिमाचल में भाजपा सरकार पर सीएम सुक्खू का हमला: चुनाव जीतने को बांटे 5000 करोड़, 2027 तक आत्मनिर्भर राज्य बनाने का लक्ष्य
शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकार ने चुनाव जीतने के लिए लगभग 5000 करोड़ रुपये खर्च कर दिए थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि जनता अब विकास और पारदर्शिता की राजनीति को प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था काफी प्रभावित हुई और गुणवत्ता के मामले में हिमाचल 21वें स्थान पर पहुंच गया था। वर्तमान सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप राज्य अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
उन्होंने दावा किया कि सरकार ने भ्रष्टाचार के कई रास्तों को बंद कर करीब 3800 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की है। इन संसाधनों का उपयोग प्रदेश के विभिन्न वर्गों के कल्याण और विकास योजनाओं में किया जा रहा है।
सीएम सुक्खू ने कहा कि आने वाला समय हिमाचल के युवाओं का होगा। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाना और 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाना है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस लक्ष्य का मजाक उड़ाता है क्योंकि उनके कार्यकाल में ठोस विकास कार्य नहीं हुए।
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पुरानी पेंशन योजना (OPS) पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पर इसे बंद करने के लिए कई तरह के दबाव बनाए जा रहे हैं, लेकिन सरकार कर्मचारियों के हितों से समझौता नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओपीएस को लागू करने का निर्णय किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य के लिए लिया गया है।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश देश की पहली न्यूट्रीशन पॉलिसी लागू करने जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों को बेहतर और स्वस्थ जीवन प्रदान करना है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने नादौन राजकीय महाविद्यालय में लगभग 17.22 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बहुउद्देश्यीय हॉल का शिलान्यास भी किया।
