मंडी: बस स्टैंड पर आधी रात हंगामा, HRTC चालक-परिचालक से मारपीट; वर्दी फाड़ी, दो युवक गिरफ्तार
मंडी। मंडी बस स्टैंड में बुधवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नशे में धुत दो युवकों ने एचआरटीसी बस में सवार यात्रियों के साथ बदसलूकी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर जब बस के चालक और परिचालक ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए बीच-बचाव किया, तो आरोप है कि युवकों ने उनके साथ मारपीट कर दी और वर्दी तक फाड़ डाली। पुलिस ने मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, परवाणु डिपो की एचआरटीसी बस दिल्ली से मनाली जा रही थी। रात करीब एक बजे बस चाय-पान के लिए मंडी बस स्टैंड पर रुकी। इसी दौरान दो युवक बस में चढ़ गए और यात्रियों से आधार कार्ड दिखाने की मांग करने लगे। जब कुछ यात्रियों ने अपने पास आधार कार्ड न होने की बात कही तो दोनों उनसे उलझ पड़े और बहस हाथापाई में बदलने लगी।
बस में मौजूद यात्रियों ने घबराकर चालक भास्कर गौतम और परिचालक ललित कुमार को इसकी सूचना दी। आरोप है कि जब दोनों कर्मचारियों ने युवकों को यात्रियों को परेशान करने से रोका, तो उन्होंने चालक-परिचालक पर ही हमला कर दिया। इस दौरान दोनों के साथ मारपीट की गई और उनकी वर्दी भी फाड़ दी गई। घटना में चालक और परिचालक को चोटें भी आई हैं।
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सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कर्मचारियों की शिकायत के आधार पर दोनों युवकों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ पहले भी मारपीट के मामले दर्ज रहे हैं और मामले की जांच जारी है।
घटना के बाद एचआरटीसी कर्मचारियों में रोष देखने को मिल रहा है। एचआरटीसी परिचालक यूनियन के प्रदेश मीडिया प्रभारी ललित ठाकुर ने कहा कि बस स्टैंडों पर कर्मचारियों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यूनियन इस मुद्दे को लेकर डीसी और एसपी मंडी को ज्ञापन सौंपेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो एचआरटीसी बसें बस स्टैंड के भीतर प्रवेश नहीं करेंगी।
वहीं एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि मामले में आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक स्थलों पर कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन में काम करने वाले कर्मचारियों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। देर रात बस स्टैंडों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है।
