शिमला: न्यू शिमला में बड़ी कार्रवाई, 1 करोड़ की प्रतिबंधित एलएसडी बरामद; युवक-युवती गिरफ्तार
शिमला। शिमला पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए न्यू शिमला क्षेत्र से प्रतिबंधित ड्रग एलएसडी की खेप पकड़ी है। पुलिस ने इस मामले में एक युवक और एक युवती को गिरफ्तार किया है। बरामद नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
एएसपी अभिषेक ने बुधवार को मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस टीम ने न्यू शिमला में कार्रवाई के दौरान पंजाब के एक युवक और जिला सिरमौर की एक युवती के कब्जे से 11.57 ग्राम एलएसडी (लिसेर्जिक एसिड डायथाइलैमाइड) बरामद की है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह नशीला पदार्थ कहां से लाया गया था और किस नेटवर्क के जरिए इसकी सप्लाई हो रही थी।
पुलिस के अनुसार एलएसडी बेहद खतरनाक और प्रतिबंधित मादक पदार्थ है। इसकी तस्करी और अवैध कारोबार में संलिप्त पाए जाने पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई होती है, जिसमें दोषी पाए जाने पर 20 साल तक की सजा का प्रावधान है।
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दरअसल, लिसेर्जिक एसिड डायथाइलैमाइड यानी एलएसडी एक सिंथेटिक ड्रग है, जिसका रंग, गंध या स्वाद नहीं होता। इसे लेने के लगभग 15 से 20 मिनट के भीतर इसका असर शुरू हो जाता है और नशा लंबे समय तक बना रह सकता है। इसके सेवन से दिल की धड़कन तेज होना, ब्लड प्रेशर बढ़ना, घबराहट, नींद और भूख में कमी जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। कई मामलों में इसके सेवन से हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है।
यह नशीला पदार्थ आमतौर पर लिक्विड, पाउडर और ब्लॉट्स जैसे विभिन्न रूपों में मिलता है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में ड्रग नेटवर्क के अन्य संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
