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त्रिलोकपुर चैत्र नवरात्र मेला 2026: हथियार, शराब और मांस-मछली बिक्री पर प्रतिबंध, डीसी ने जारी किए आदेश
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर के प्रसिद्ध श्री महामाया बाला सुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर में 19 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने वाले चैत्र नवरात्र मेले को लेकर जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं।
जिला दण्डाधिकारी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मेला अवधि के दौरान कालाअंब पुलिस क्षेत्र और मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार के आग्नेय शस्त्र, विस्फोटक सामग्री और धारदार हथियार लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
मंदिर में नारियल चढ़ाने पर भी रहेगा प्रतिबंध
जारी आदेशों के अनुसार मेले के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर परिसर में नारियल चढ़ाने पर भी रोक लगाई गई है। इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति शराब का सेवन कर हुड़दंग मचाता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मेला क्षेत्र में मांस और मछली बिक्री पूरी तरह बंद
जिला दण्डाधिकारी ने एक अन्य आदेश में बताया कि 19 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक त्रिलोकपुर मेला क्षेत्र में मांस और मछली की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
हालांकि कालाअंब से त्रिलोकपुर सड़क के किनारे स्थित दुकानों में विक्रेता केवल दुकान के अंदर पर्दे में ही मांस और मछली बेच सकेंगे, लेकिन मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार की बिक्री नहीं होगी।
प्रशासन के अनुसार मेले के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं, इसलिए उनकी धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
तूड़ी और भूसे से लदे वाहनों की आवाजाही भी सीमित
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए डीएम ने मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा-115 के तहत आदेश जारी किए हैं।
इसके तहत मेला अवधि में कालाअंब-त्रिलोकपुर सड़क पर तूड़ी या भूसे से लदे ट्रक और ट्रैक्टरों की आवाजाही सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक प्रतिबंधित रहेगी।
यह प्रतिबंध विशेष रूप से क्षेत्र के उद्योगों, खासकर कागज कारखानों में कच्चा माल ले जाने वाले वाहनों पर लागू रहेगा, ताकि मेला के दौरान श्रद्धालुओं और अन्य वाहनों की आवाजाही बाधित न हो।
प्रशासन ने लोगों से इन आदेशों का पालन करने की अपील की है ताकि चैत्र नवरात्र मेला शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
