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ऊना स्कूल बस हादसे के बाद प्रशासन सख्त
जिलेभर में स्कूल बसों-वैन की होगी जांच
उपायुक्त ने दिए आदेश, 15 दिनों में विशेष अभियान चलाकर होगी कार्रवाई
ऊना। जिला ऊना में सोमवार को हुए दर्दनाक स्कूल बस हादसे के बाद जिला प्रशासन सख्त हो गया है। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर उपायुक्त जतिन लाल ने जिले में चल रही सभी स्कूल बसों और वैन की व्यापक जांच के आदेश जारी किए हैं।
उपायुक्त ने बताया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी स्कूल वाहनों को परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा। यह आदेश जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त की ओर से डिज़ास्टर मैनेजमेंट एक्ट, 2005 की धारा 33 और 34 के तहत जारी किए गए हैं।
जारी निर्देशों के अनुसार जिले में संचालित सभी स्कूल बसों और वैन में वैध फिटनेस प्रमाण पत्र, पंजीकरण प्रमाण पत्र, बीमा और प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान इन दस्तावेजों को सक्षम अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
इसके अलावा प्रत्येक स्कूल वाहन के लिए प्रशिक्षित चालक होना आवश्यक है, जिसके पास परिवहन वाहन चलाने के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस हो। बच्चों को ले जाते समय वाहन में सहायक या परिचालक की उपस्थिति भी अनिवार्य की गई है।
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प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूल वाहनों में अग्निशामक यंत्र, प्राथमिक उपचार बॉक्स, आपातकालीन निकास, सही तरीके से काम करने वाले दरवाजे, उचित बैठने की व्यवस्था और स्पीड गवर्नर जैसे सुरक्षा उपकरण उपलब्ध होना जरूरी है। साथ ही किसी भी स्थिति में बच्चों को ओवरलोड करके ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
उपायुक्त ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) और जिले के सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि अगले 15 दिनों के भीतर विशेष निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाकर स्कूल बसों और वैन की जांच सुनिश्चित करें और इसकी रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को भेजें। इसके बाद भी नियमित निरीक्षण जारी रहेगा।
यदि कोई स्कूल बस या वैन निर्धारित सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करती पाई जाती है तो उसके खिलाफ चालान, वाहन जब्ती या संचालन पर रोक जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आदेशों का उल्लंघन करने पर मोटर व्हीकलस एक्ट, 1988 सहित अन्य लागू कानूनों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को भी निर्देश दिए हैं कि वे इन सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
