हिमाचल: तेंदुए से 12 मिनट तक जूझता रहा 18 वर्षीय युवक, जान बचाने की जंग में मार गिराया तेंदुआ
सोलन। जिले के अर्की उपमंडल के सरली गांव में सोमवार सुबह एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, जहां 18 वर्षीय युवक ने अपनी जान बचाने के लिए तेंदुए से लगभग 12 मिनट तक निहत्था संघर्ष किया। इस संघर्ष में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, लेकिन उसने अदम्य साहस दिखाते हुए आखिरकार तेंदुए को मार गिराया।
जानकारी के अनुसार सरली गांव निवासी प्रवेश शर्मा सोमवार सुबह करीब सात बजे दूध लेने के लिए घर से निकला था। खेतों के रास्ते से गुजरते समय घात लगाकर बैठे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से युवक संभल भी नहीं पाया और तेंदुए के साथ उसकी जान बचाने की जद्दोजहद शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले हमले के बाद प्रवेश किसी तरह तेंदुए से छूट गया, लेकिन कुछ ही क्षण बाद तेंदुए ने दोबारा उस पर झपट्टा मार दिया। इसके बाद दोनों के बीच करीब 12 मिनट तक संघर्ष चलता रहा। इस दौरान युवक ने हिम्मत नहीं हारी और पूरी ताकत से मुकाबला करता रहा।
Also Read
🔴 HPU में दो छात्र गुटों में हिंसक झड़प, छात्र के पेट में तेजधार हथियार से हमला; IGMC में भर्ती
बताया जा रहा है कि आत्मरक्षा में प्रवेश ने तेंदुए को जबड़े से पकड़कर जोर से दूर फेंक दिया, जिससे तेंदुए की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि इस दौरान तेंदुए के नाखूनों से युवक के शरीर पर कई जगह गहरे जख्म हो गए।
घटना के बाद घायल युवक को तुरंत अर्की के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल उसकी हालत में सुधार है।
सरली पंचायत के प्रधान शंकर लाल ने बताया कि युवक रोज की तरह दूध लेने के लिए जा रहा था, तभी यह घटना घट गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
वहीं वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। वन विभाग ने घायल युवक को तत्काल राहत के तौर पर पांच हजार रुपये की सहायता प्रदान की है और इलाके में तेंदुओं की गतिविधियों को देखते हुए पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया है।
यह घटना एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव की गंभीर समस्या को सामने लाती है। वहीं दूसरी ओर, 18 वर्षीय युवक की बहादुरी और जीवटता लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
