मनोंण गांव में राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, पुलिस जवानों ने दी सलामी; वेलफेयर व रिटायरमेंट फंड से 60 हजार की फौरी राहत
राजगढ़ (सिरमौर)। उपमंडल राजगढ़ के मनोंण गांव की 28 वर्षीय महिला कांस्टेबल नेहा शर्मा के आकस्मिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। सोमवार को उनके पैतृक गांव मनोंण में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों, रिश्तेदारों और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
नेहा शर्मा पुत्री कमल दत्त शर्मा हाल ही में पुलिस विभाग में नियुक्त हुई थी और वर्तमान में डरोह के बस्सी क्षेत्र में तैनात थी। बीमारी के चलते उसका निधन हो गया। परिवार और ग्रामीणों के लिए यह पीड़ा और भी गहरी रही कि नेहा अपना पहला वेतन भी नहीं ले पाई। विडंबना यह रही कि उसके निधन के बाद सोमवार को उसका का वेतन खाते में जमा हुआ, जबकि गांव में उसका अंतिम संस्कार किया जा रहा था।
अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब
सोमवार को नेहा के अंतिम संस्कार के समय माहौल गमगीन रहा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस विभाग के जवानों ने उसे सलामी दी और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। शोक धुन के बीच जब पुलिस की टुकड़ी ने अंतिम सलामी दी, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
बस्सी के डीएसपी योगेश दत्त जोशी ने कहा कि नेहा एक मेहनती और कर्तव्यनिष्ठ सिपाही थी, जिनका भविष्य उज्ज्वल था। उन्होंने फौरी राहत के तौर पर वेलफेयर फंड से 35 हजार रुपये तथा रिटायरमेंट फंड से 25 हजार रुपये की सहायता राशि मृतका के पिता कमल दत्त शर्मा को सौंपी।
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इस दौरान डरोह के डीएसपी तिलक राज शांडिल और राजगढ़ के डीएसपी वीसी नेगी सहित कई पुलिस अधिकारी और जवान उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।
नेहा की असमय मृत्यु ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र और पुलिस विभाग को गहरा आघात पहुंचाया है। गांव के लोग उन्हें एक सरल, विनम्र और परिश्रमी बेटी के रूप में याद कर रहे हैं। उसके सपने अधूरे रह गए, लेकिन उसकी कर्तव्यनिष्ठा और मुस्कान हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।
