कृषि विपणन बोर्ड में वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा, 110 करोड़ से अधिक अग्रिम राशि का हिसाब लंबित
शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड की वर्ष 2023-24 की ऑडिट रिपोर्ट में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। राज्य लेखा परीक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बोर्ड द्वारा विभिन्न कार्यों के लिए जारी की गई लगभग 110.63 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि का अब तक समुचित निपटान नहीं हो पाया है।
रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि निर्माण कार्यों और अन्य परियोजनाओं के लिए अधिशासी अभियंताओं, कर्मचारियों और विभिन्न संस्थाओं को दी गई बड़ी धनराशि वर्षों से लंबित पड़ी है। अकेले अधिशासी अभियंता के पास ही करीब 95.52 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि का समायोजन नहीं हुआ है। कई मामलों में उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) भी प्राप्त नहीं किए गए और न ही खातों का मिलान किया गया।
मंडी समितियों के खातों में भी बड़ा अंतर
ऑडिट रिपोर्ट में मंडी समितियों से संबंधित डिपॉजिट कार्यों के खातों में 49.25 करोड़ रुपये का अंतर सामने आया है। बताया गया है कि निर्माण कार्यों के लिए समितियों से अग्रिम राशि ली गई, लेकिन उसके उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए।
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इसके अलावा, कुछ संपत्तियों को ‘वर्क इन प्रोग्रेस’ के तहत बोर्ड की संपत्ति के रूप में दर्शाया गया, जबकि वे वास्तविक रूप से संबंधित मंडी समितियों की संपत्तियां थीं। इससे बोर्ड की वित्तीय स्थिति को बेहतर दिखाने का प्रयास प्रतीत होता है।
सीपीएफ और अनुदान राशि में भी विसंगति
रिपोर्ट में कर्मचारियों के अंशदायी भविष्य निधि (CPF) खातों और बैंक बैलेंस में अंतर की बात भी सामने आई है। वहीं, केंद्र और राज्य सरकार से प्राप्त 74.45 करोड़ रुपये की अनुदान राशि को बैलेंस शीट में शेष दर्शाया गया, जबकि उसका उपयोग मंडी समितियों के कार्यों में पहले ही किया जा चुका था।
चेयरमैन ने दिए जांच के निर्देश
बोर्ड के चेयरमैन कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि ऑडिट रिपोर्ट में जिन खामियों का उल्लेख किया गया है, उनकी वर्तमान स्थिति की विस्तृत जांच करवाई जाएगी। रिकॉर्ड के रखरखाव और वर्गीकरण में पाई गई कमियों को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बोर्ड के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
यह मामला अब प्रदेश में प्रशासनिक पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में जांच की प्रगति और जिम्मेदारी तय होने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
