शिमला में जांच को आई हरियाणा पुलिस, दिल्ली पुलिस संग चिड़गांव पहुंचने पर उठे सवाल
शिमला। एआई समिट में हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा और भी व्यापक हो गया है। मामले में एक नया मोड़ तब आया, जब प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हरियाणा पुलिस की टीम शिमला किसी अन्य आपराधिक मामले की जांच के लिए आई थी, लेकिन वह दिल्ली पुलिस के साथ चिड़गांव पहुंच गई।
शोघी बैरियर पर हुआ खुलासा
सूत्रों के अनुसार, शोघी बैरियर पर एफआईआर दर्ज होने के बाद जब टीम को जांच में शामिल होने के लिए रोका गया, तब यह तथ्य सामने आया कि हरियाणा पुलिस के करीब पांच कर्मचारी शिमला में अलग मामले की जांच के सिलसिले में आए थे। इसके बावजूद उनका दिल्ली पुलिस के साथ चिड़गांव जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
अब हिमाचल पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि दिल्ली में दर्ज एक आपराधिक मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान हरियाणा पुलिस की टीम किस उद्देश्य से दिल्ली पुलिस के साथ गई थी। इस संबंध में हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से भी संपर्क साधा जा रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की रिकॉर्डिंग
शिमला पुलिस ने शोघी में दिल्ली पुलिस द्वारा कब्जे में लिए गए डीवीआर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की विधिवत वीडियो रिकॉर्डिंग की है, ताकि भविष्य में जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर इनका उपयोग किया जा सके। साथ ही संबंधित दस्तावेजों को भी रिकॉर्ड के तौर पर सुरक्षित किया गया है।
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एसीपी समेत 20 पुलिस कर्मी नामजद
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दिल्ली के एसीपी सहित करीब 20 पुलिस कर्मियों को नामजद किया है। जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए एक आईपीएस अधिकारी को मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दिल्ली बनाम हिमाचल पुलिस
इस पूरे घटनाक्रम के बाद दोनों राज्यों की पुलिस आमने-सामने दिखाई दी। दिल्ली पुलिस जहां हिमाचल पुलिस की कार्रवाई को गैरकानूनी बता रही है, वहीं हिमाचल पुलिस का कहना है कि सादे कपड़ों में की गई कार्रवाई और प्रक्रियाओं को लेकर कई संदेह उत्पन्न हुए, जिनकी जांच आवश्यक है।
होटल मालिक की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
बताया जा रहा है कि होटल मालिक की शिकायत के आधार पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच कई घंटों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
आगे क्या?
गंभीर धाराओं के चलते आने वाले समय में संबंधित अधिकारियों और पुलिस कर्मचारियों को पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने कहा कि मामला संवेदनशील है और पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। फिलहाल जांच पूरी होने तक विस्तृत जानकारी साझा नहीं की जा सकती।
यह मामला न केवल एआई समिट प्रदर्शन से जुड़ा है, बल्कि राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय और अधिकार क्षेत्र के सवालों को भी केंद्र में ला रहा है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा इस प्रकरण को और स्पष्ट करेगी।
