स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची बिजली बोर्ड की टीम को ग्रामीणों ने लौटाया, आंदोलन की चेतावनी
सोलन। विधानसभा क्षेत्र सोलन के तहत रामपुर इलाके की बुघार कनैता पंचायत में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची बिजली बोर्ड की टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध इतना बढ़ गया कि टीम को बिना मीटर लगाए ही वापस लौटना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, बिजली बोर्ड की टीम कनिष्ठ अभियंता (जेई) की अगुवाई में गांव में स्मार्ट मीटर स्थापित करने पहुंची थी। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी सूचना मिली, पंचायत क्षेत्र के लोग मौके पर एकत्रित हो गए और स्मार्ट मीटर लगाने पर आपत्ति जताने लगे।
ग्रामीणों का कहना था कि बिना पूर्व सहमति और स्पष्ट जानकारी के इस तरह मीटर बदले जाना उचित नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल में अनियंत्रित बढ़ोतरी हो सकती है।
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अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस
मौके पर मौजूद कनिष्ठ अभियंता ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया कि स्मार्ट मीटर सरकार की योजना के तहत लगाए जा रहे हैं और यह प्रक्रिया अनिवार्य है। हालांकि ग्रामीण इस बात से सहमत नहीं हुए।
स्थिति को देखते हुए माहौल तनावपूर्ण हो गया और अंततः बिजली बोर्ड की टीम को बिना कार्य किए ही वापस लौटना पड़ा।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि उनकी सहमति के बिना जबरन स्मार्ट मीटर लगाए गए तो वे बिजली बोर्ड के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे।
इस दौरान पूर्व पंचायत प्रधान अनीता शर्मा, महिला मंडल प्रधान सुनीता शर्मा, नारायण दत्त ठाकुर, पूर्व पंचायत सदस्य दिलीप शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध किया।
पहले भी हो चुका है विरोध
गौरतलब है कि स्मार्ट मीटर को लेकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विरोध की आवाजें उठ रही हैं। शुक्रवार को “सरकार गांव के द्वार” कार्यक्रम के दौरान जौणाजी में भी ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर का विरोध किया था।
वहीं एक स्थानीय व्यक्ति ने आरोप लगाया कि पहले उनका बिजली बिल 200 से 300 रुपये के बीच आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल 12 हजार रुपये तक पहुंच गया। उन्होंने बिजली बोर्ड से मीटर और पोल हटाने की मांग की थी और विरोध स्वरूप दीया जलाकर रहने की बात कही थी।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में बिजली बोर्ड या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि स्मार्ट मीटर को लेकर संवाद स्थापित नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में विरोध और तेज होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
