Himachal News: एक बीघा में हाई डेंसिटी सेब बागवानी के लिए 8 लाख तक का लोन, तीन साल की राहत भी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में सेब उत्पादकों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने उच्च सघनता (हाई डेंसिटी) सेब बागवानी को बढ़ावा देने के लिए नई वित्तीय सहायता योजना को आगे बढ़ाया है। अब बागवान एक बीघा भूमि पर आधुनिक सेब बगीचा लगाने के लिए आठ लाख रुपये तक का ऋण ले सकेंगे। खास बात यह है कि इस ऋण पर तीन साल तक मोरटोरियम यानी अदायगी से छूट भी मिलेगी।
क्यों खास है हाई डेंसिटी सेब बागवानी?
पारंपरिक सेब बगीचों की तुलना में हाई डेंसिटी पद्धति में कम जगह में अधिक पौधे लगाए जाते हैं। इसमें वैज्ञानिक प्रबंधन, उन्नत किस्मों और आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है।
👉 कम समय में उत्पादन शुरू
👉 बेहतर गुणवत्ता और अधिक पैदावार
👉 बाजार में बेहतर दाम मिलने की संभावना
हालांकि शुरुआती निवेश अपेक्षाकृत अधिक होता है, इसलिए सरकार ने आसान ऋण सुविधा उपलब्ध कराई है।
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सहकारी बैंक से मिलेगा कर्ज
राज्य के बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने जानकारी दी कि यह ऋण सुविधा राज्य सहकारी बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। एक बीघा भूमि पर अधिकतम आठ लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि तीन साल तक किसानों को मूलधन या ब्याज की अदायगी नहीं करनी होगी। इससे बागवानों को शुरुआती वर्षों में आर्थिक दबाव का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे अपने बगीचे को बेहतर तरीके से विकसित कर सकेंगे।
पौध सामग्री भी होगी रियायती
बागवानी विभाग हाई डेंसिटी पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कंपनियों से बातचीत कर रहा है। आने वाले समय में किसानों को अच्छी गुणवत्ता का प्लांट मटेरियल रियायती दरों पर उपलब्ध कराने की योजना है।
क्या होगा फायदा?
👉 उत्पादन में तेजी
👉 आय में बढ़ोतरी
👉 आधुनिक तकनीक अपनाने को प्रोत्साहन
👉 युवा किसानों के लिए आकर्षक विकल्प
सरकार की इस पहल से प्रदेश में सेब उत्पादन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। खासकर छोटे और मध्यम बागवानों के लिए यह योजना आर्थिक मजबूती का जरिया बन सकती है।
