सरकारी कार्यक्रम में जमीन पर बैठे विधायक डॉ. जनक राज, अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा में आयोजित सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के दौरान एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे विधायक डॉ. जनक राज ने मंच पर बैठने के बजाय आम लोगों के बीच जमीन पर बैठना उचित समझा। उनके इस कदम से कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी हैरान रह गए।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे विधायक अचानक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और सीधे जनता के बीच जाकर जमीन पर बैठ गए। जैसे ही यह जानकारी उपायुक्त मुकेश रेपसवाल को मिली, वे स्वयं उन्हें मंच पर बैठाने पहुंचे, लेकिन विधायक ने मंच पर जाने से इनकार कर दिया।
इसके बाद जिला मार्केट कमेटी के अध्यक्ष ललित ठाकुर ने उन्हें मनाने की कोशिश की और अंततः उन्हें मंच तक लेकर गए। वहीं विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी उनसे मंच पर बैठने का आग्रह किया, जिसके बाद वे मंच पर पहुंचे।
अधिकारियों को दी खुली चेतावनी
मंच से संबोधित करते हुए डॉ. जनक राज ने कुछ अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी यह कहते हैं कि वे किसी जनप्रतिनिधि की बात नहीं सुनते और उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह लोकतांत्रिक देश है और यहां जनता व जनप्रतिनिधियों की आवाज को अनसुना नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनेंगे, तो उन्हें इसका जवाब देना होगा। इतना ही नहीं, उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की भी बात कही।
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जनता के बीच बैठने का संदेश
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, विधायक का जनता के बीच जमीन पर बैठना एक प्रतीकात्मक संदेश माना जा रहा है। इससे उन्होंने यह जताने की कोशिश की कि वे आम लोगों के साथ खड़े हैं और उनकी आवाज को प्राथमिकता देते हैं।
सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं का समाधान करना है, लेकिन इस घटनाक्रम ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
