बागथन में बनेगी 1.25 करोड़ की जैव नियंत्रण प्रयोगशाला, किसानों को मिलेगा लाभ
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर के बागथन में 1 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से बनने वाली जैव नियंत्रण प्रयोगशाला का शिलान्यास राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं लोक शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने किया। अपने प्रवास कार्यक्रम के दौरान उन्होंने फल पौध एवं प्रदर्शन केंद्र (पीसीडीओ) का निरीक्षण भी किया और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।
जैविक और अवशेष-मुक्त बागवानी को बढ़ावा
बागवानी मंत्री ने कहा कि बागथन में स्थापित होने वाली यह जैव नियंत्रण प्रयोगशाला क्षेत्र के किसानों के लिए सुरक्षित, अवशेष-मुक्त और टिकाऊ बागवानी को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम कर जैविक एजेंटों के माध्यम से फसलों की सुरक्षा को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे किसानों की लागत घटेगी और आय में वृद्धि होगी।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि कम लागत में अधिक लाभ और सुरक्षित उत्पादन प्रदेश सरकार का मूल मंत्र है। इस दिशा में आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक और जैविक प्रबंधन को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि हिमाचल का फल और सब्जी उत्पादन राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतर सके।
डॉ. परमार की जन्मभूमि से जुड़ा भावनात्मक संदर्भ
मंत्री ने कहा कि बागथन प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार की जन्मभूमि है। उन्होंने जिस दूरदर्शिता के साथ बागवानी को हिमाचल की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाया, आज प्रदेश सरकार उसी सोच को आगे बढ़ा रही है।
प्रदेश को जैविक बागवानी मॉडल बनाने का लक्ष्य
उन्होंने कहा कि हिमाचल को जैविक बागवानी का मॉडल राज्य बनाना सरकार का लक्ष्य है, जिससे किसानों की आय बढ़े, मिट्टी की सेहत सुधरे और उपभोक्ताओं को सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद मिल सकें।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आनंद परमार, एसडीएम प्रियंका चंद्रा, कांग्रेस नेत्री दयाल प्यारी, बागवानी विभाग के निदेशक डॉ. सतीश शर्मा, उपनिदेशक डॉ. संतोष बक्शी और डॉ. बी.एम. चौहान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
