Himachal News: विकास कार्यों के लिए फिर कर्ज लेगी सरकार, 1030 करोड़ जुटाने की तैयारी
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपनी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक बार फिर बाजार से ऋण लेने का फैसला किया है। वित्त विभाग की ओर से जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार राज्य सरकार 1,030 करोड़ रुपये का दीर्घकालिक कर्ज जुटाएगी। यह राशि 20 वर्ष की अवधि के लिए सरकारी प्रतिभूतियों (स्टेट डेवलपमेंट लोन) के माध्यम से प्राप्त की जाएगी।
20 साल के लिए जारी होंगी प्रतिभूतियां
प्रधान सचिव (वित्त) देवेश कुमार की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह उधारी राज्य में चल रही विकास योजनाओं, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के वित्तपोषण के लिए ली जा रही है। सरकार का कहना है कि दीर्घकालिक संसाधन जुटाए बिना विकास कार्यों की रफ्तार बनाए रखना संभव नहीं है।
आरबीआई के जरिए होगी नीलामी
कर्ज जुटाने की प्रक्रिया रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के मुंबई कार्यालय के माध्यम से पूरी की जाएगी। प्रतिभूतियों की नीलामी 2 मार्च 2026 को आयोजित होगी। यह नीलामी ‘यील्ड बेस्ड मल्टीपल प्राइस’ पद्धति से कराई जाएगी, जिसमें निवेशकों द्वारा दी गई उपज (यील्ड) के आधार पर ब्याज दर तय होगी।
प्रतिस्पर्धी और गैर-प्रतिस्पर्धी दोनों प्रकार की बोलियां ऑनलाइन आमंत्रित की जाएंगी। सफल निवेशकों को 4 मार्च 2026 को बैंकिंग समय समाप्त होने से पहले भुगतान करना होगा।
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ब्याज भुगतान और अवधि
इन प्रतिभूतियों की अवधि 4 मार्च 2026 से शुरू होकर 4 मार्च 2046 तक रहेगी। निवेशकों को वर्ष में दो बार—4 सितंबर और 4 मार्च—को ब्याज का भुगतान किया जाएगा। नीलामी में जो दर तय होगी, वही पूरी 20 वर्ष की अवधि के लिए लागू रहेगी।
पहले से एक लाख करोड़ के करीब कर्ज
गौरतलब है कि राज्य पर पहले ही करीब एक लाख करोड़ रुपये का कर्ज बताया जा रहा है। ऐसे में सरकार का यह नया कदम वित्तीय प्रबंधन और विकास संतुलन को लेकर राजनीतिक और आर्थिक हलकों में चर्चा का विषय बन सकता है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि संविधान के अनुच्छेद 293(3) के तहत केंद्र सरकार से आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद ही यह उधारी प्रक्रिया शुरू की गई है।
