AI Summit Protest Case: रोहड़ू से पकड़े गए तीनों आरोपी ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली रवाना, दिनभर चला हाई वोल्टेज ड्रामा
शिमला। नई दिल्ली में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शन मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को शिमला की अदालत ने ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली भेजने की अनुमति दे दी है। देर रात करीब एक बजे शिमला स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम-II) की अदालत में सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया गया।
दिल्ली पुलिस ने शिमला जिला के रोहड़ू क्षेत्र से सौरभ, अरबाज और सिद्धार्थ को हिरासत में लिया था। तीनों को एसीजेएम-II एकांश कपिल के आवास न्यायालय में पेश किया गया, जहां ट्रांजिट रिमांड की याचिका स्वीकार कर ली गई। अब तीनों आरोपियों को उस दिल्ली की अदालत में पेश किया जाएगा, जहां संबंधित एफआईआर दर्ज है।
क्या है पूरा मामला?
यह कार्रवाई नई दिल्ली में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी बताई जा रही है। दिल्ली पुलिस का दावा है कि 20 फरवरी को दर्ज एफआईआर में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके पुलिस रिमांड भी मिल चुके हैं। इसी कड़ी में तीनों आरोपियों को रोहड़ू से पकड़ा गया।
हालांकि, गिरफ्तारी के बाद मामला तूल पकड़ गया। आरोप है कि दिल्ली पुलिस बिना स्थानीय पुलिस को पूर्व सूचना दिए हिमाचल पहुंची। इस पर हिमाचल प्रदेश पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस की टीम को शोघी और धर्मपुर में नाके लगाकर रोक लिया।
पुलिस बनाम पुलिस: कैसे बढ़ा विवाद?
हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस पर अवैध तरीके से हिरासत में लेने का आरोप लगाया और शिमला के चिढ़गांव थाने में एफआईआर दर्ज की। दिल्ली पुलिस की तीन गाड़ियों में सवार करीब 20 अधिकारियों-कर्मचारियों को रोककर दस्तावेजों की जांच की गई। देर रात तक दोनों पक्षों के बीच बहसबाजी और कानूनी तर्क चलते रहे।
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दिल्ली पुलिस का पक्ष था कि उन्होंने विधिसम्मत कार्रवाई की है और मामला पहले से दर्ज एफआईआर से संबंधित है। वहीं हिमाचल पुलिस का दावा रहा कि स्थानीय प्रशासन को बिना सूचना और आवश्यक दस्तावेजों के कार्रवाई करना नियमों के खिलाफ है।
अदालत के आदेश के बाद स्थिति स्पष्ट
दिनभर चले घटनाक्रम और तनातनी के बाद अंततः अदालत ने ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दी। इसके साथ ही तीनों आरोपियों को दिल्ली ले जाने का रास्ता साफ हो गया। अब आगे की सुनवाई दिल्ली की संबंधित अदालत में होगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने शिमला से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
