बाहरी राज्यों की यात्रा पर महिलाओं को नहीं मिल रही रियायत
सोलन। सोलन जिले के धर्मपुर क्षेत्र से बाहर जाने वाली बसों में सफर करने वाली महिलाओं को ‘हिम बस कार्ड’ योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई इस सुविधा के तहत महिलाओं को राज्य के भीतर किराये में रियायत दी जाती है, लेकिन जैसे ही बस राज्य की सीमा पार करती है, यह कार्ड अमान्य हो जाता है।
महिलाओं का कहना है कि चंडीगढ़ या अन्य बाहरी राज्यों की यात्रा के दौरान उन्हें पूरा किराया देना पड़ता है, जबकि उन्हें उम्मीद रहती है कि कार्ड से कुछ रियायत मिलेगी। इससे खासतौर पर कामकाजी और नियमित यात्रा करने वाली महिलाओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
वेबसाइट की जानकारी से बढ़ा भ्रम
कुछ महिलाओं ने बताया कि सरकारी पोर्टल पर दी गई जानकारी स्पष्ट नहीं है, जिससे यह भ्रम पैदा हो रहा है कि हिम बस कार्ड सभी रूटों पर मान्य है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई महिला शिमला से चंडीगढ़ के लिए यात्रा करती है, तो उसे पूरे रूट का सामान्य किराया चुकाना पड़ता है। कार्ड से किसी प्रकार की छूट नहीं मिलती।
यात्रियों का कहना है कि यदि यह सुविधा केवल हिमाचल प्रदेश की सीमाओं तक ही सीमित है, तो वेबसाइट और प्रचार सामग्री में इसे स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया जाना चाहिए।
अधिकारियों का स्पष्टीकरण
हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के डिप्टी डिविजनल मैनेजर (आईटी) शिमला, राजेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि हिम बस कार्ड केवल राज्य की सीमा के भीतर संचालित बसों में ही मान्य है। इंटर-स्टेट रूट पर यह सुविधा लागू नहीं होती।
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उन्होंने यह भी कहा कि यदि वेबसाइट पर किसी प्रकार की भ्रामक या अधूरी जानकारी है, तो उसे शीघ्र ठीक कराया जाएगा।
महिलाओं की मांग: सीमा तक मिले सुविधा
यात्रियों की मांग है कि कम से कम प्रदेश की सीमाओं तक कार्ड की सुविधा लागू की जाए, ताकि बार्डर क्षेत्रों तक यात्रा करने वाली महिलाओं को राहत मिल सके। उनका कहना है कि सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक राहत के उद्देश्य से यह योजना शुरू की है, इसलिए इसका लाभ अधिक व्यापक स्तर पर मिलना चाहिए।
निष्कर्ष
हिम बस कार्ड योजना प्रदेश के भीतर महिलाओं को राहत दे रही है, लेकिन इंटर-स्टेट यात्रा के दौरान इसकी सीमित वैधता असंतोष का कारण बन रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और परिवहन निगम इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं।
