किश्तवाड़ आतंकी घटना के बाद चंबा में बढ़ाई गई चौकसी
चंबा। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में हाल ही में हुई आतंकी घटना के बाद हिमाचल प्रदेश के सीमांत जिलों में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। विशेषकर चंबा जिले में अलर्ट जारी करते हुए पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और गश्त तेज कर दी है।
मंगलवार को पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने जम्मू-कश्मीर से सटे सीमांत इलाकों का औचक निरीक्षण किया। उनके साथ डीएसपी सलूणी रंजन शर्मा और थाना किहार के एसएचओ दिग्विजय सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान सुरक्षा चौकियों और थानों की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ जवानों की समस्याएं भी सुनी गईं।
चौकियों और थानों में औचक निरीक्षण
एसपी ने लंगेरा, खुंडी मराल, संघणी चौकी, सलूणी और थाना किहार सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निम्न निर्देश दिए—
सीमांत क्षेत्रों में रूटीन गश्त बढ़ाई जाए
रात्रि गश्त को और प्रभावी बनाया जाए
हर संदिग्ध वाहन की गहन जांच की जाए
बाहरी आवाजाही पर विशेष निगरानी रखी जाए
लंबित आपराधिक मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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216 किलोमीटर लंबी संवेदनशील सीमा
चंबा जिला लगभग 216 किलोमीटर लंबी सीमा के साथ जम्मू-कश्मीर से सटा हुआ है। जम्मू-कश्मीर के डोडा और कठुआ जिलों के भद्रवाह, बन्नी और माश्का जैसे संवेदनशील क्षेत्र सड़क मार्ग से चंबा से जुड़े हुए हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह इलाका रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
पूर्व में सीमांत क्षेत्रों में हुई आतंकी घटनाओं को देखते हुए किहार और खैरी सेक्टर के ऊपरी हिस्सों में स्थापित सुरक्षा चौकियों पर पहले से ही कड़ा पहरा है। सेवा ब्रिज और लंगेरा अंतरराज्यीय बैरियर पर भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सीमांत क्षेत्र सील, पुलिस अलर्ट पर
एसपी विजय सकलानी ने बताया कि एहतियातन सीमांत क्षेत्र को सील कर सुरक्षा घेरे को और मजबूत किया गया है। थाना और चौकी स्तर के स्टाफ को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जवानों को हर गतिविधि पर नजर रखने और किसी भी संदिग्ध सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए अलर्ट मोड में रखा गया है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि आम जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। सीमांत इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय है और हर स्तर पर निगरानी की जा रही है।
