हिमाचल में बिजली बोर्ड कर्मचारियों को राहत
शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने अपने कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए मोबाइल फोन रीइंबर्समेंट भत्ता और प्रोटेक्शन अलाउंस देने का फैसला किया है। इस संबंध में मंगलवार को औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए। बोर्ड के इस निर्णय से फील्ड और तकनीकी स्टाफ को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
किन कर्मचारियों को मिलेगा मोबाइल भत्ता?
बोर्ड द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सब-स्टेशन, जनरेशन विंग, एमएंडटी विंग, इलेक्ट्रिकल सिस्टम विंग तथा पीएंडटी स्टाफ के अंतर्गत कार्यरत विभिन्न फील्ड तकनीकी कर्मचारियों को हर दो माह में एक बार मोबाइल रीइंबर्समेंट भत्ता दिया जाएगा।
फोरमैन स्पेशल, फोरमैन, सब-स्टेशन अटेंडेंट, इलेक्ट्रीशियन और फिटर को 200 रुपये द्विमासिक मोबाइल भत्ता मिलेगा।
हेल्पर श्रेणी के कर्मचारियों को 150 रुपये द्विमासिक मोबाइल भत्ता प्रदान किया जाएगा।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भत्ता प्राप्त करने के लिए मोबाइल कनेक्शन संबंधित कर्मचारी के नाम पर होना चाहिए और वह सक्रिय भी रहना चाहिए। इसकी सूचना संबंधित नियंत्रक अधिकारी को देना अनिवार्य होगा।
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इन डिवीजनों में मिलेगा प्रोटेक्शन अलाउंस
एक अन्य आदेश के तहत सोलन, सुंदरनगर और कांगड़ा स्थित पीएंडटी डिवीजनों में कार्यरत कर्मचारियों को प्रोटेक्शन अलाउंस देने की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत:
जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल)
जूनियर इंजीनियर (टेस्ट)
इलेक्ट्रीशियन
हेल्पर
हेल्पर (सब-स्टेशन)
को 100 रुपये प्रतिमाह प्रोटेक्शन अलाउंस दिया जाएगा।
यूनियन ने जताया आभार
बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष नीतीश भारद्वाज ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए बोर्ड प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रोटेक्शन विंग के गठन के बाद से वहां कार्यरत कर्मचारी इस भत्ते से वंचित थे। अब यह निर्णय उनके हित में सकारात्मक कदम है।
यूनियन के महासचिव प्रशांत शर्मा ने कहा कि मोबाइल आज के आईटी युग में फील्ड ड्यूटी के लिए अनिवार्य उपकरण बन चुका है। ऐसे में मोबाइल भत्ता कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान प्रभावी संचार बनाए रखने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी मांग उठाई कि वर्तमान दरों को बढ़ाकर 150 से 400 रुपये प्रतिमाह तक किया जाए, क्योंकि मोबाइल रिचार्ज दरों में पिछले वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
क्या है इसका व्यापक असर?
बोर्ड के इस फैसले से फील्ड कर्मचारियों को आर्थिक सहारा मिलेगा और संचार व्यवस्था बेहतर होगी। हालांकि यूनियन का कहना है कि अभी भी कई श्रेणियां इस सुविधा से बाहर हैं, जिन्हें जल्द दायरे में लाया जाना चाहिए।
