वार्षिक परीक्षाओं से पहले विशेष मार्गदर्शन सत्र आयोजित, बच्चों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा
पांवटा साहिब (सिरमौर)। जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था द्वारा संचालित “खुशियों का सहारा” योजना लगातार सार्थक परिणाम दे रही है। इस योजना के तहत विभिन्न स्कूलों के जरूरतमंद बच्चों को संस्था से जोड़कर उनकी पढ़ाई में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा रहा है।
संस्था बच्चों की शिक्षा से जुड़ी सभी आवश्यकताओं—जैसे किताबें, कॉपियां, स्टेशनरी, स्कूल ड्रेस, परीक्षा शुल्क और अन्य शैक्षणिक सामग्री—की व्यवस्था कर रही है, ताकि संसाधनों की कमी के कारण कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे।
वार्षिक परीक्षाओं को देखते हुए संस्था ने सभी बच्चों के लिए विशेष मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया। इस दौरान बच्चों को नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही उन्हें तनावमुक्त रहकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की सलाह भी दी गई।
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संस्था की अध्यक्ष पुष्पा खंडूजा और निदेशक डॉ. अनुराग गुप्ता ने बताया कि संस्था का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना भी है ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें।
उन्होंने सभी बच्चों को वार्षिक परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मेहनत और लगन से किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता।
संस्था का मानना है कि शिक्षा ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है और “खुशियों का सहारा” योजना इसी दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रही है।
