फाल्गुन पंचमी पर माता त्रिलोकपुर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 7,500 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
कालाअंब (सिरमौर)। हिमाचल-हरियाणा सीमा पर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता त्रिलोकपुर मंदिर में फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर रविवार को श्रद्धा और आस्था का विशाल सैलाब उमड़ पड़ा। दिनभर में लगभग 7,500 श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में माथा टेकлт टेककर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
बताया जा रहा है कि अधिकांश श्रद्धालु पड़ोसी राज्य हरियाणा के यमुनानगर, जगाधरी, अंबाला और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे। सुबह तड़के ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी, जो देर शाम तक लगातार जारी रही। मंदिर परिसर में भक्ति-भाव से भरे जयकारों और धार्मिक वातावरण ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
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आस्था का केंद्र, हर वीकेंड में बनता है मेले जैसा माहौल
मंदिर न्यास उपाध्यक्ष एवं एसडीएम नाहन राजीव संख्यान ने बताया कि त्रिलोकपुर शक्तिपीठ में हर सप्ताहांत श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है और माहौल मेले जैसा हो जाता है। फाल्गुन मास होने के कारण इस बार श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक रही।
प्रशासन की पुख्ता तैयारियां
श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर न्यास और प्रशासन ने पहले से ही व्यापक इंतजाम किए थे।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती
यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम
पेयजल, स्वच्छता और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उपाय
एसडीएम ने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मंदिर न्यास पूरी तरह प्रतिबद्ध है और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र
माता त्रिलोकपुर शक्तिपीठ न केवल हिमाचल बल्कि हरियाणा और उत्तर भारत के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। विशेष पर्वों, नवरात्र और सप्ताहांत पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है।
👉 कुल मिलाकर, फाल्गुन मास की पंचमी पर श्रद्धा, भक्ति और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के संतुलित प्रबंधन ने त्रिलोकपुर में एक भव्य और सुव्यवस्थित धार्मिक वातावरण का उदाहरण प्रस्तुत किया।
