चंबा न्यूज: फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र पर जीता चुनाव, पांच साल तक रहा प्रधान, अब पुलिस ने किया गिरफ्तार
चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र के सहारे पंचायत चुनाव जीतने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोपी ने कथित तौर पर गलत दस्तावेजों के आधार पर न सिर्फ चुनाव लड़ा बल्कि पूरे पांच साल तक पंचायत प्रधान के पद पर बना रहा। अब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार यह मामला उपमंडल चुराह की पंचायत गुवाड़ी से जुड़ा हुआ है। शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई तो फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र का पूरा खेल उजागर हो गया। आरोपी ने इसी प्रमाणपत्र के आधार पर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट से पंचायत चुनाव लड़ा था।
जानकारी के मुताबिक गांव बाड़ी खुशनगरी के निवासी भगत राम ने थाना तीसा में 28 जनवरी को शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जन्म सिंह (39) निवासी डडवाड़ी खुशनगरी ने अवैध तरीके से अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र बनवाया और उसी के आधार पर पंचायत प्रधान का चुनाव जीता।
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जांच में सामने आया कि आरोपी कई वर्षों तक इस फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र का उपयोग करता रहा और सरकारी पद का लाभ उठाता रहा। मामले में नायब तहसीलदार सलूणी कार्यालय की ओर से संबंधित अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र को पहले ही निरस्त किया जा चुका है।
विजय कुमार सकलानी, पुलिस अधीक्षक चंबा ने बताया कि जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है। पुलिस आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र बनवाने में किन-किन लोगों की भूमिका रही और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति या अधिकारी भी शामिल था।
