सराहां के बसाहां स्कूल में स्टाफ की कमी से छात्रों का भविष्य प्रभावित, अभिभावकों ने की जल्द भर्ती की मांग
सराहां (सिरमौर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसाहां में लंबे समय से स्टाफ की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल में स्टाफ की कमी की समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि अभिभावकों को अपने बच्चों को दूर-दराज के स्कूलों में भेजने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक विद्यालय में प्रधानाचार्य, राजनीति शास्त्र, हिंदी, गणित के प्रवक्ता, टीजीटी मेडिकल, टीजीटी नॉन मेडिकल, पीटीई, आईटी, जूनियर ऑफिस असिस्टेंट और वरिष्ठ सहायक सहित करीब दस पद खाली पड़े हुए हैं। स्टाफ की कमी के चलते न तो नई कक्षाएं सुचारु रूप से चल पा रही हैं और न ही छात्र-छात्राएं यहां प्रवेश लेने के लिए आगे आ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्कूल से आसपास की पंचायतों — लाना बांका, डिंगर किन्नर और नेहर स्वार — के बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते थे, लेकिन अब स्टाफ की कमी के कारण उन्हें 10 से 12 किलोमीटर दूर दूसरे स्कूलों में जाना पड़ रहा है। कई छात्रों ने तो प्रवेश लेने के बाद भी शिक्षकों के अभाव में अन्य विद्यालयों में दाखिला ले लिया।
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हैरत की बात है कि हिमाचल निर्माता एवं हिमाचल के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार ने भी अपनी प्रारंभिक शिक्षा इसी स्कूल से प्राप्त की थी। बावजूद इसके, आज यह संस्थान बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहा है।
स्थानीय पीटीए प्रतिनिधियों ने बताया कि पहले भाजपा सरकार के समय यहां नॉन मेडिकल संकाय शुरू किया गया था, लेकिन प्रवक्ताओं की नियुक्ति न होने से अब वह भी बंद हो चुका है। वर्तमान में 11वीं और 12वीं आर्ट्स संकाय में कुल 36 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि विज्ञान संकाय में प्रवेश लेने वाले तीन छात्रों को भी स्टाफ की कमी के कारण अन्य स्कूलों का रुख करना पड़ा।
स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाचार्य ने बताया कि शिक्षकों और प्रवक्ताओं के रिक्त पदों के चलते प्रवेश घट रहे हैं। उन्होंने बताया कि खाली पदों की सूची नियमित रूप से उच्च शिक्षा विभाग और सरकार को भेजी जा रही है।
