सिरमौर को टीबी मुक्त बनाने के लिए सभी विभाग करें संयुक्त प्रयास – जिला उपायुक्त
नाहन (सिरमौर), 18 फरवरी। सिरमौर को टीबी और एचआईवी मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर जिला प्रशासन ने सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने उपायुक्त कार्यालय के सभागार में आयोजित एचआईवी नियंत्रण तथा जिला क्षय रोग उन्मूलन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही।
उन्होंने बताया कि “टीबी मुक्त भारत” अभियान के तहत जिले में 100 दिन का विशेष स्क्रीनिंग अभियान 2.0 चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य संभावित मरीजों की समय रहते पहचान कर उनका उपचार शुरू करना है, ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन में टीबी के लक्षणों के प्रति व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे रोग का प्रारंभिक चरण में ही इलाज संभव हो सके। साथ ही लोगों को स्वेच्छा से एचआईवी जांच कराने के लिए भी प्रेरित करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि टीबी और एचआईवी से प्रभावित मरीजों तथा उनके परिजनों को सरकार की ओर से उपलब्ध मुफ्त जांच व उपचार सुविधाओं के साथ-साथ आर्थिक सहायता और अन्य योजनाओं की जानकारी भी सुनिश्चित की जाए।
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बैठक के दौरान राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बताया कि 22 फरवरी को जिले के 1468 सरकारी स्कूलों, 175 निजी स्कूलों और 1484 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से एक से 19 वर्ष आयु वर्ग के 1,78,587 बच्चों को कृमि नाशक दवा पिलाई जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र बच्चा इस अभियान से वंचित न रहे।
इस अवसर पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. निसार अहमद ने जानकारी दी कि जिले में 13 स्थानों पर बलगम जांच की सुविधा उपलब्ध है तथा विभाग की टीमें घर-घर जाकर स्क्रीनिंग अभियान भी चलाएंगी।
बैठक में पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, महिला एवं बाल विकास, कल्याण विभाग और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
